सरकारी टीचर की छिनी नौकरी, डॉक्यूमेंट से खिलवाड़ पड़ा भारी, वसूला जाएगा 15 साल का वेतन
हरदोई। यूपी के हरदोई जिले में एक सरकारी टीचर को डॉक्यूमेंट में हेरफेर कर नौकरी हासिल करन भारी पड़ गया। शिक्षिका को न केवल नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। बल्कि 15 साल का वेतन भी वसूला जाएगा। वेतन और भत्तों की बकाया भू राजस्व की भांति वसूली के भी आदेश दिए गए हैं।
फर्जी डॉक्यमेंट से ली नौकरी…
हरदोई में फर्जी डॉक्यूमेंट पर नौकरी पाने वाली शिक्षिका शमीम जहां को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बर्खास्त कर दिया है। शिक्षिका करीब 15 साल से परिषदीय स्कूल में तैनात थी। शाहजहांपुर में नौकरी पाने के बाद स्थानांतरण पर जिले में बिलग्राम के मितमितपुर संविलियन विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर थी।
बीएसए ने लिया एक्शन…
बीएसए ने यह कार्रवाई उप लोकायुक्त और विभागीय जांच में शैक्षिक अभिलेख फर्जी होने की पुष्टि पर की है। बताया कि मितमितपुर में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात रहीं शमीम जहां पुत्री इदरीश अंसारी को बर्खास्त किया गया है। शमीम जहां की तैनाती साल-2009 में शाहजहांपुर में हुई थी। शाहजहांपुर बीएसए ने पहली तैनाती विकास खंड जलालाबाद के अल्हादादपुर प्राथमिक विद्यालय में दी थी।
ट्रांसफर के बाद हरदोई में मिली पोस्टिंग…
साल-2011 में प्रोन्नति के बाद विकास खंड कांट के पूर्व माध्यमिक विद्यालय इमलिया में सहायक अध्यापक के पर हुई। शमीम जहां ने साल 2023 में हरदोई के लिए स्थानांतरण करा लिया। जिले में योगदान के बाद मितमितपुर में तैनाती दी गई थी।
शिकायत हुई तो जांच खुली पोल…
दिसंबर 2024 में शहर के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी देवेंद्र सिंह ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई। बताया कि बिलग्राम के खंड शिक्षाधिकारी संतोष कुमार सिंह से जनवरी 2025 में शिक्षिका शमीम जहां के शैक्षिक अभिलेखों की जांच कराई गई। लखनऊ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने भी बीएड पास होने का अंक पत्र और प्रमाण पत्र शमीम जहां के न होने की पुष्टि की। शमीम जहां का जवाब भी संतोषजनक नहीं मिला है।