अपने सगे भाई पर चोरी और धोखाधड़ी का लगाया आरोप, प्रतापगढ़ विधायक के संरक्षण में करता है, दबंगई

भाजपा विधायक को वोट देना और उनकी जीत के लिए प्रचार करना मेरी बहुत बड़ी गलती थी, मैं अपनी इस गलती को स्वीकार करता हूँ- जीतलाल उमरवैश्य
प्रतापगढ़। कोतवाली नगर स्थित चिलबिला बाजार निवासी जीतलाल उमरवैश्य ने सगे भाई पर चोरी और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। आरोप है कि बंटवारे के बाद भाई ने उसकी दुकान बंद कर दी। दुकान का रास्ता भी अवरुद्ध कर दिया। तिजोरी में रखे आभूषण भी निकाल लिए। विरोध करने पर दुकान का ताला तोड़कर और दरवाजा भी काट दिया।
भाई का आरोपों है कि उसका भाई जेल भी जा चुका है। जमानत पर बाहर आने के बाद उसे परेशान कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनका भाई प्रतापगढ़ विधायक का करीबी है। विधयक के प्रभाव के चलते वह दबंगई कर रहा है। पीड़ित जीतलाल उमरवैश्य ने बताया कि वह बचपन में ही अपने पिता स्वामी दयाल उमर वैश्य की मृत्यु के बाद बड़े संघर्ष से कठिनाइयों का सामना करते हुए अपनी दुकान और रहने के लिए कमरे का निर्माण करवाया था।
यही नहीं जीतलाल का दावा है कि वह अपना और अपने भाई अभिषेक का विवाह भी किया, जिसमें मेरे भाईयों रामेश्वर प्रसाद, द्वारिका प्रसाद, राजाराम, अभिषेक आदि ने कभी सहयोग नहीं किया। साल- 2015 मे पुनः बटवारा करने की बात करके मेरी दुकान बंद करवा दिया और जुलाई साल- 2025 आज तक मेरे दुकान का पूरा मार्ग अवरूद्ध कर दिया। इस पर मैं कुछ दिन परेशान होकर शांतिकुंंज हरिद्वार चला गया था।
उस समय अभिषेक ने तिजोरी खोलकर उसमें रखा सारा सोने चाँदी का गहना निकाल कर उसमें कबाड़ रखकर उसको बाहर निकालकर रख दिया और मेरी दुकान का ताला तोड़कर और दरवाजा काटकर मेरे कमरे से बाहर आने जाने का रास्ता भी बंद कर दिया। मैं जहाँ घर में सब मिलकर सामूहिक गायत्री-यज्ञ करते थे, वहाँ सबसे बड़े भाई रामेश्वर एवं उनकी बेटियां, भाई द्वारिका प्रसाद, छोटा भाई अभिषेक एवं मृतक भाई राजाराम के लड़के अक्षत और अप्पू लाकर कूड़ा और कबाड़ फेंक दिया।
कोरोना काल के लाक डाउन के समय भी मेरा रास्ता नहीं खोला गया, जिससे मुझे काफी आर्थिक संकट से गुजरना पड़ा। कई बार पंचायत हुई, चिलबिला चौकी प्रभारी के द्वारा भी लिखित में शिकायत करने पर निस्तारण किया गया, लेकिन यह सभी अपनी मनमानी कर झगड़ा कर मेरा रास्ता रोज बंद कर परेशान करते हैं। मना करने पर गाली बकते हैं और धमकी देते हैं। अपने झगड़ालू प्रवृत्ति के कारण अभी हाल ही में अभिषेक जेल भी गया था। जमानत पर बाहर आकर पुनः और भी दबंगई दिखाता है।
एक जुलाई, 2025 को भी रामेश्वर और अक्षत, सुमन देवी ने गाली और धमकी देकर मेरे खिड़की को भी बंद करने का प्रयास किया। चूंकि द्वारिका प्रसाद और ममता गुप्ता वकील है, वही उसको शह देते हैं। द्वारिका प्रसाद और अभिषेक दोनों प्रतापगढ़ के भाजपा विधायक विधायक के करीबी हैं, इसका फायदा उठाकर दबंगई कर रहे हैं। जीतलाल उमरवैश्य उच्चाधिकारियों से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने की मांग है।