
लम्बी सेटिंग के बाद 10 लाख रूपये की लालच में सियालदह रेलवे स्टेशन पर पश्चिम बंगाल की पुलिस ने पांच-पांच लाख रुपए के इनामिया सपा नेता सभापति यादव और उसका भाई सुभाष यादव को किया था, अरेस्ट
प्रतापगढ़ की पुलिस और यूपी एसटीएफ जिस सपा नेता सभापति यादव और उसके भाई को गिरफ्तार करने के लिए सतुआ और पिसान लेकर दिन रात खोज रही थी, वह सभापति यादव ने बड़ी ही चालाकी से पश्चिम बंगाल की जीआरपी सियालदह रेलवे स्टेशन पर बिना टिकट पकड़ लिया। मजेदार बात यह रही कि पांच-पांच लाख रुपए के इनामिया बदमाशों ने बिना टिकट पकड़े जाने पर जुर्माना भरने से मना कर दिया। साथ ही अपना परिचय देते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और शासन द्वारा अपने ऊपर पांच-पांच लाख रुपए के इनाम की बात बताकर जीआरपी को भी लालच में डाल दिया। जी आर पी पुलिस ने प्रतापगढ़ पुलिस से सम्पर्क कर पांच-पांच लाख रुपए के इनामिया बदमाशों को कस्टडी में लेने की सूचना दी। उक्त सूचना से प्रतापगढ़ पुलिस सक्रिय हुई और सपा नेता सभापति यादव और उसके भाई सुभाष यादव को लेने के लिए सियालदह रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हो गई।
यूपी पुलिस पांच लाख रूपये के इनामिया सभापति यादव और उसके भाई को गिरफ्तार करने में नाकाम रही। लगभग 2 वर्षों से अधिक समय से फरार चल रहे पांच-पांच लाख रुपए के इनामिया सपा नेता सभापति यादव और उसके भाई सुभाष यादव को प्रतापगढ़ पुलिस ने पश्चिम बंगाल के सियालदह रेलवे स्टेशन की जीआरपी पुलिस से हैण्डओवर की कार्रवाई करके प्रतापगढ़ लाई थी। सपा नेता सभापति यादव और भाई सुभाष यादव को लेकर जब प्रतापगढ़ पुलिस प्रतापगढ़ पहुँची तो दोनों भाइयों का मेडिकल मोयना कराया गया और तदोपरांत पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। सपा नेता सभापति यादव थाना आसपुर देवसरा के विनैका गाँव का रहने वाला है। पांच लाख का इनामिया सभापति यादव और सुभाष यादव को न्यायालय ने रिमांड पर लेते हुए 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सपा नेता सभापति यादव और उसके भाई सुभाष यादव पर उत्तर प्रदेश सरकार जो पांच-पांच रूपये का इनाम घोषित किया था, वह इनाम अब सियालद रेलवे स्टेशन की जीआरपी को मिलेगा या नहीं, यह बात रहस्य बनती जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार का मानना है कि सपा नेता सभापति यादव और उसका भाई सुभाष यादव ने बड़ी डील करके जीआरपी से अपनी गिरफ्तारी दिखाई है। इस डील में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी पर्दे के पीछे से शामिल होने का अनुमान लगाया जा रहा है। फिलहाल प्रतापगढ़ पुलिस और उत्तर प्रदेश की तेजतर्रार UPSTF के लिए सपा नेता सभापति यादव की पश्चिम बंगाल के सियालदह रेलवे स्टेशन की जीआरपी द्वारा कथित गिरफ्तारी एक सबक है। विधानसभा चुनाव में भी सभापति यादव ने एक आडियो सोशल मीडिया पर जारी कर वहां के विधायक रहे राजेंद्र प्रताप उर्फ मोती सिंह के विषय में जमकर भड़ास निकाली थी। उस आडियो पर भी सपा नेता सभापति यादव पर मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रतापगढ़ पुलिस आडियो के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया, परन्तु इतनी खोज न कर सकी कि किस जगह से रहकर यह आडियो सपा नेता सभापति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। एक तरह से प्रतापगढ़ पुलिस का साइबर सेल ध्वस्त साबित हुआ।