भाई ने किया कटे हुए सिर का अंतिम संस्कार, मीट काटने वाले छुरे से काटी थी गर्दन
हलालपुर गांव निवासी उमा की हत्या उसके प्रेमी बिलाल ने यमुनानगर में गर्दन काटकर कर दी। वह बिलाल से शादी की जिद कर रही थी। वहीं उमा के भाई टिंकू ने कहा कि उनका रिश्ता 15 साल पहले ही खत्म हो गया था, जब वह पड़ोसी के साथ चली गई थी। यमुनानगर में गर्दन काटकर मौत के घाट उतारी गई उमा का सिर लेने के लिए सोमवार को उसके मायके पक्ष के लोग हलालपुर से वहां पहुंचे।
इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उमा के भाई टिंकू ने स्पष्ट कहा कि 15 साल पहले उमा ने जब भागकर शादी की थी, तभी परिवार से रिश्ते खत्म हो गए थे। अब धड़ का अंतिम संस्कार लावारिस में हो चुका है। उन्होंने इंसानियत के नाते सिर का अंतिम संस्कार किया। देहात कोतवाली क्षेत्र के हलालपुर गांव निवासी उमा की 6 दिसंबर को यमुनानगर में कलेसर जंगल के पास गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप उसके प्रेमी टिडोली निवासी बिलाल पर है।
उमा शादी के लिए जिद कर रही थी। इसलिए उसकी हत्या की गई थी। यमुनानगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर रविवार को पूरे मामले का खुलासा किया था। शुक्रवार को लावारिस में उमा का अंतिम संस्कार पुलिस ने करा दिया था, जिसकी गर्दन रविवार शाम को बरामद की गई थी। सोमवार सुबह उमा का भाई टिंकू कुमार अन्य परिजनों के साथ यमुनानगर पहुंचा।
इस दौरान मीडिया के साथ बातचीत करते हुए टिंकू ने बताया कि करीब 15 साल पहले शादी वाले दिन उमा पड़ोस में रहने वाले दिव्यांग जोनी के साथ चली गई थी। तब हमारी बहुत बेइज्जती हुई थी। उसी समय उमा से रिश्ता तोड़ दिया था। वो कहां रहती थी, किससे बात करती थी और किसके साथ रहती थी हमें पता नहीं।
टिंकू ने बताया कि उसकी हत्या का पता भी तब चला, जब यमुनानगर पुलिस उनके घर पर पहुंची। जिस मुस्लिम युवक ने हत्या की, हम उसे नहीं जानते। उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। यहां तक कि पूर्व पति पर भी कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि क्या पता उसने ही मुस्लिम युवक को बेच दी हो। टिंकू ने बताया कि जिस दिन उमा घर से गई, उसी दिन उनके लिए खत्म हो गई थी, लेकिन अब इंसानियत के नाते उसके सिर का अंतिम संस्कार किया।