सनसनीखेज IAS बनकर ससुराल को ठगा, होने वाली पत्नी और परिवार से 71 लाख की धोखाधड़ी
कानपुर से धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक शातिर युवक ने खुद को IAS अधिकारी बताकर अपनी होने वाली पत्नी और उसके परिवार से करीब 71 लाख रुपये की ठगी कर ली। हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने दावा किया कि वह उसी शहर का जिला मजिस्ट्रेट है, जहां पीड़िता का परिवार रहता है।
मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाली एक युवती को पहले बैंक अधिकारी बनकर प्रेमजाल में फंसाया गया, फिर IAS में चयन का झांसा देकर उससे और उसके परिवार से लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक अधिकारी से IAS बनने का झूठा दावा
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि शुक्लागंज निवासी दिवाकर मिश्रा उर्फ सत्यम उनके पारिवारिक मित्र हैं। उन्हीं के माध्यम से उसकी मुलाकात चकेरी निवासी नीतेश पांडेय से कराई गई थी। नीतेश ने खुद को एक सरकारी बैंक में फील्ड ऑफिसर बताते हुए शादी का प्रस्ताव रखा।
धीरे-धीरे भरोसा बढ़ने पर नीतेश ने पहले SDM और फिर IAS में चयन होने का दावा किया। इतना ही नहीं, उसने खुद को कानपुर का जिला मजिस्ट्रेट भी बताया। इस झूठ को सच साबित करने के लिए उसने सरकारी विभाग की वेबसाइट की मेल आईडी से जुड़े फर्जी मैसेज और जॉइनिंग से जुड़े दस्तावेज व्हाट्सएप पर भेजे।
परिवार से ली नकदी और जेवरात
पीड़िता का आरोप है कि साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया के नाम पर उससे पहले 3.50 लाख रुपये नकद लिए गए। इसके बाद अलग-अलग बहानों से 23 लाख रुपये नकद और वसूले गए। इतना ही नहीं, आरोपी और उसके साथियों ने घर में रखे करीब 45 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने भी ले लिए। दबाव बनाकर चांदी की सिल्ली और अन्य कीमती जेवर भी अपने पास रख लिए गए।
चार लोगों पर दर्ज हुई FIR
इस ठगी में नीतेश पांडेय के साथ उसके भाई जीतेश, भाभी आकांक्षा और पारिवारिक मित्र दिवाकर मिश्रा उर्फ सत्यम के नाम सामने आए हैं। पीड़िता का कहना है कि इन सभी ने मिलकर IAS चयन की कहानी को सही ठहराया और लगातार पैसे देने का दबाव बनाया। जब युवती को पूरे मामले में जालसाजी का शक हुआ, तब उसने दस्तावेजों की जांच कराई और रविवार को कल्याणपुर थाने में तहरीर दी।
पुलिस जांच में जुटी
कल्याणपुर पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फर्जी दस्तावेजों, व्हाट्सएप चैट और लेन-देन की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।