बाराबंकी हादसे में आठ की मौत: हंसी-खुशी निकला परिवार, शाम को मिली मौत की खबर
बाराबंकी के देवा-फतेहपुर मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी सहित आठ लोगों की मौत हो गई। दुर्घटनास्थल पर छह की जबकि दो की इलाज के दौरान ट्रामा सेंटर में मौत हुई। सोमवार की सुबह मौलवीगंज निवासी सराफा व्यापारी प्रदीप रस्तोगी अपने परिवार के साथ बिठूर गंगा स्नान को निकले थे। पड़ोसी बताते हैं, वे बेहद प्रसन्न थे और कहते हुए निकले थे गंगा मैया के दर्शन करके शाम तक लौट आएंगे। लेकिन शाम ढलते-ढलते उनके लौटने की खबर नहीं, बल्कि उनके और परिवार के लोगों की मौत की सूचना पहुंची।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक इतनी तेज रफ्तार से आ रहा था कि ब्रेक लगाने के बाद भी वह कुछ दूर तक घिसटता चला गया। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर की। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि मृतकों की पहचान कर परिजनों को सूचना दी गई है। ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद रस्तोगी परिवार के घर पर लोगों का तांता लग गया।
ये था पूरा मामला: आमने-सामने हुई टक्कर
पुलिस के अनुसार फतेहपुर कस्बे के भाजपा नेता गिरधर गोपाल की नई कार (बिना नंबर) बुक कर कस्बे के ही मौलवीगंज निवासी सराफा कारोबारी प्रदीप रस्तोगी (55) सोमवार सुबह परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए कानपुर के बिठूर गए थे। रात में लौटते समय जैसे ही उनकी कार कल्याणी नदी पुल के पास पहुंची, सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में प्रदीप रस्तोगी, पत्नी माधुरी रस्तोगी (52), पुत्र नितिन रस्तोगी (30), कृष्ण रस्तोगी (15), खड़ेहरा निवासी चालक श्रीकांत (40) व मोहम्मदपुर खाला निवासी बालाजी (45) की मौके पर ही मौत हो गई। कार में सवार मोहम्मदपुर खाला निवासी इंद्र कुमार (60) व विष्णु गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। दोनों घायलों ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
टक्कर से हुआ जोरदार धमाका
जैसे ही कल्याणी नदी पुल के पास रात करीब साढ़े नौ बजे ट्रक और अर्टिगा में आमने-सामने टक्कर हुई, तो पूरे इलाके में जोरदार धमाका हुआ। कुछ ही मिनटों में राहगीर और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन नजारा देखकर हर कोई सहम गया। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया था और उसमें शव फंसे पड़े थे। स्थानीय निवासी रामसागर ने बताया कि हम लोग दौड़कर पहुंचे तो कार पहचान में नहीं आ रही थी। कुछ लोग मदद करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन किसी को छूने की हिम्मत नहीं हो रही थी।
इस दौरान सड़क के दोनों और लंबा जाम लग गया। पुलिस को भी घटनास्थल पर पहुंचने तक काफी मशक्कत करनी पड़ी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो शवों को बाहर निकाला गया। ऐसा लग रहा था कि सब शांत हो गए हो। चार लोगों को मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि चार अन्य को पुलिस के दो-तीन वाहन सड़क खाली करवाते हुए करीब 5 किलोमीटर दूर देवा सीएचसी लेकर पहुंचे। यहां दो और लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। डीएम शशांक त्रिपाठी और एसपी अर्पित विजयवर्गीय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। क्रेन बुलाकर कार और ट्रक को अलग किया गया।