महंगी कार के शौक ने बनाया कातिल, ममेरे भाई को बेरहमी से मारा, आरोपी वसीम का कबूलनामा
बरेली के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के गांव टिटौली निवासी वसीम ने ममेरे भाई आहिल (10) का अपहरण कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। रकम नहीं मिलने और पकड़े जाने के डर से ब्लेड से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने दोनों पैरों में गोली मारकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने जो कुछ भी बताया, उसे जानकर हर कोई हैरान है। पुलिस के मुताबिक आरोपी वसीम को अच्छे रहन-सहन, महंगी कार, बाइक, मोबाइल फोन खरीदने का शौक है। वह फर्नीचर का कारखाना भी खोलना चाहता था। उसे रुपयों की जरूरत थी। इसके लिए उसने अपने मामा सखावत नबी के बेटे आहिल को अगवा कर फिरौती मांगने की साजिश रची। पकड़े जाने के डर से उसे मार डाला।
कक्षा तीन तक पढ़ा है आरोपी
नई कार खरीदना चाहता था आरोपी
जानिए पूरा घटनाक्रम
थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह के मुताबिक रविवार रात साढ़े दस बजे टिटौली गांव निवासी सखावत नवी ने बताया कि बेटा आहिल शाम पांच बजे से लापता है। इसी दौरान सखावत के मोबाइल फोन पर नए नंबर से दस लाख रुपये की फिरौती मांगने का मैसेज आया। सूचना पर एसएसपी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने एसओजी व सर्विलांस टीम को लगाया। सीसीटीवी कैमरे में वसीम (22) बाइक से आहिल को शाही की ओर ले जाते दिखा। फिरौती का मेसेज भेजने वाले मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने वसीम को दबोच लिया। पूछताछ में उसने आहिल के अपहरण, हत्या और सखावत से फिरौती मांगने की बात स्वीकार की। कहा कि पकड़े जाने के डर से उसने शाही थाना क्षेत्र के गांव विक्रमपुर के जंगल में ले जाकर आहिल की हत्या कर दी। पुलिस ने आहिल का शव, ब्लेड और बाइक बरामद की। थाना प्रभारी ने कहा कि मुठभेड़ के दौरान वसीम ने बाइक के बैग में रखा तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने लगा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि आरोपी वसीम हैदराबाद में फर्नीचर का काम करता था। अब वह अपना कारखाना खोलना चाहता था। इसके लिए रुपयों की जरूरत थी तो उसने ममेरे भाई का अपहरण कर लिया। बाद में राज खुलने के डर से हत्या कर दी