थार के उड़े परखच्चे पांच दोस्तों की मौत, आदित्य के शव से लिपटकर रोई मां; पिता भी हुए बेसुध
गुरुग्राम में रफ्तार और रोमांच के शौक ने पांच दोस्तों की जान ले ली। एनएच-48 पर दिल्ली से जयपुर की ओर जाने वाली लेन पर बेकाबू थार ने कई परिवारों के सपनों को रौंद दिया। इस हादसे में आगरा दीवानी के क्लर्क के बेटे की भी जान चली गई।गुरुग्राम में थार गाड़ी से हुए हादसे में जज कंपाउंड निवासी निजी कंपनी के इंजीनियर आदित्य प्रताप सिंह (26) की मौत हो गई थी। उनका शव शनिवार रात घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। मां चित्रलेखा और बहन सृष्टि शव से लिपट गईं। फूट-फूटकर रोने लगीं। क्लर्क पिता यतेंद्र प्रताप बेसुध हो गए। रिश्तेदार और पड़ोसियों ने तीनों को संभाला। बिलखते हुए मां बोल रही थीं कि मेरा तो सब कुछ उजड़ गया। घर का चिराग ही बुझ गया।
अब काैन बुढ़ापे का सहारा बनेगा। काैन मां कहकर पुकारेगा। मां के करुण क्रंदन से हर आंख नम हो गई। रविवार को गमगीन माहाैल में अंतिम संस्कार किया गया। मूलरूप से विभव नगर, बस अड्डे के पास, हाथरस निवासी यतेंद्र पाल सिंह आगरा की गैंगस्टर कोर्ट में क्लर्क हैं। परिवार जज कंपाउंड में रहता है। पत्नी चित्रलेखा शिक्षिका हैं। बेटी सृष्टि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। इकलाैते बेटे आदित्य गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में इंजीनियर थे। वह शनिवार और रविवार को घर आते थे। शनिवार को घर पहुंचने से पहले उनके साथ हुए हादसे की जानकारी परिवार को मिल गई थी। रात लगभग 10:30 बजे शव आगरा लाया गया। पहले ही घर पर रिश्तेदार और अन्य लोग आ गए थे। मां और बहन को सभी संभाल रहे थे। पिता यतेंद्र पाल तो बेसुध ही हो गए। उन्हें रिश्तेदारों ने किसी तरह संभाला। परिजन सुबह लगभग 11 बजे शव को ताजगंज स्थित श्मशान घाट लेकर गए, जहां अंतिम संस्कार किया गया।