पूर्व नगर कोतवाल पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज, बदमाश से साठगांठ और घूस लेने का आरोप, प्रयागराज IG के आदेश पर हुई कार्रवाई

जरा सोचिये जब ऐसे कोतवाल, नगर कोतवाली की कमान सम्भालेंगे तो कानून ब्यवस्था का क्या हाल होगा…???
प्रतापगढ़ में पूर्व नगर कोतवाल जयचंद्र भारती पर बदमाश से साठगांठ और घूस लेने का मामला सामने आया है। प्रयागराज जोन के आईजी अजय मिश्रा के आदेश पर कोतवाली नगर में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आदेश होते ही इंस्पेक्टर जयचंद्र भारती पुलिस लाइन से गिरफ्तारी के डर से फरार हो गए।
परन्तु पूर्व कोतवाल जयचंद भारती तो सीधे एक अपराधी से धन की गठरी ले रहे हैं। जो उन्हीं के आवास में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया था, जो जाँच में आरोपों को सिद्ध कर रहा है। घटना से पहले हिस्ट्रीशीटर मस्सन से नगर कोतवाल रहे जयचंद्र भारती तीन बार बात भी की थी। सभी साक्ष्य मिलते ही एसपी की रिपोर्ट पर आईजी जोन प्रयागराज अजय मिश्र ने इंस्पेक्टर जयचन्द्र भारती को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ मुकदमें लिखे जाने का आदेश दिया।
जाँच में मिले साक्ष्य, पूर्व कोतवाल के खिलाफ FIR के आदेश
इतना ही नहीं आरोप तो यहाँ तक है कि पूर्व नगर कोतवाल जयचंद्र भारती ने 16 जुलाई को बदमाश मस्सन को अपने सरकारी आवास पर बुलाकर उससे रुपए लिए थे। इसके अगले दिन 17 जुलाई को मस्सन ने कोतवाली नगर के बिहारगंज इलाके में सड़क पर मारपीट और फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। इस घटना में दो भाइयों को गोली लग गई थी। काफी देर तक अपराधियों ने कानून ब्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए जमकर तांडव कर क्षेत्र में आतंक कायम किया था।
दिनदहाड़े हुई फायरिंग की इस घटना के बाद एसपी डॉ अनिल कुमार ने पूर्व नगर कोतवाल जयचंद्र भारती को निलंबित कर दिया था। विभागीय जांच में पूर्व नगर कोतवाल और हिस्ट्रीशीटर मस्सन के बीच संबंधों की पोल खुल गई। जांच में यह भी पता चला कि घटना के एक दिन पहले पूर्व कोतवाल जयचंद्र भारती और हिस्ट्रीशीटर मस्सन के बीच हुई मुलाकात और धन रुपी थैली सीसीटीवी में कैद हो गई थी।
हिस्ट्रीशीटर मस्सन से पूर्व नगर कोतवाल ने लिए थे, रूपये
मुकदमा दर्ज होने के बाद जयचंद्र भारती पुलिस लाइन से फरार हो गए हैं और उनका मोबाइल फोन भी बंद है। वर्तमान कोतवाल नीरज यादव की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है। जांच में बदमाश से रुपए लेने की बात भी सही पाई गई। इसके बाद आईजी के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अब पुलिस फरार हुए पूर्व कोतवाल की तलाश कर रही है। लाइन में गणना के दौरान पूर्व नगर कोतवाल जयचंद्र भारती गैरहाजिर पाये जाने पर आरआई ने उनके खिलाफ रपट भी लिखाई है।
प्रतापगढ़ कोतवाली नगर के पूर्व इंस्पेक्टर जयचंद्र भारती का कारनामा उजागर होने से पुलिस महकमें सहित आम जनमानस हैरत में है। जब कानून के रक्षक ही कानून के भक्षक बन जायेंगे तो कानून की रक्षा कैसे संभव हो सकेगी। पुलिस का अपराधियों से साठ गांठ का ये कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी शराब माफियाओं और जुए के फड़ का संचालन करने वालों से भी पुलिस के दामन दागदार हुए हैं।
बिहारगंज गोलीकांड की पूर्व रात्रि आवास पर मुलाकात कर लिए थे, पैकेट
अभी हाल में ही कोतवाली नगर के एक जुए की फड़ पर छापेमारी से इसका खुलासा हुआ था। कई सालों से संचालित जुए की फड़ हो रही थी। कोतवाली नगर की पुलिस और स्वाट टीम को कानोकान इसकीं खबर नहीं थी। ऐसा मानने से पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ डॉ अनिल कुमार भी सहमत नहीं हुए थे। तभी उन्होंने जुए की फड़ पर छापेमारी में स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस को इस ऑपरेशन से दूर रखा और छापेमारी में उन्हें सफलता भी मिली।
एसपी प्रतापगढ़ डॉ.अनिल कुमार को भी आशंका थी कि कोतवाली नगर की पुलिस और स्वाट टीम कहीं जुए के फड़ के संचालक को इसकीं सूचना छापेमारी से पहले न दे दे और वो लोग सतर्क हो जाए। इससे साबित हुआ कि अवैध कार्य का संचालन तभी संभव हो सकता है, जब पुलिस का संरक्षण प्राप्त होगा। कप्तान की आशंका सही निकली और छापेमारी में पुलिस को सफलता मिली और कई सालों से संचालित जुए की फड़ बंद हो गई।