सुल्तानपुर के लंभुआ कोतवाली अंतर्गत धरियामऊ में सोमवार देर रात हुई बड़ी घटना, शटरिंग और छत गिरने से चार मजदूरों की चली गई जान, आधा दर्जन से अधिक घायल
सुल्तानपुर। लंभुआ कोतवाली अंतर्गत धरियामऊ में सोमवार देर रात हुई बड़ी घटना, एसडीआरएफ के रेस्क्यू में चार मजदूरों के मिले शव, जिसमें दो सगे भाइयों का निकला। धरियामऊ में एक निर्माणाधीन मकान छत ढालने की तैयारी चल रही थी। तभी अचानक शटरिंग ही गिर गई, जिससे देखते ही देखते छत के लिए की गई ढलाई सहित कई मजदूर जमींदोज हो गए। घटना बीती रात की है। छत ढाल रहे कई मजदूरों के दबने की सूचना से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया।
स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच कर राहत और बचाव कार्य में जुट गई। लम्भुआ एसओ संदीप राय ने घटना से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक कुमार अनुपम सिंह व जिला अधिकारी कुमार हर्ष भी मौके पर पहुँच हालात का लिया था, जायजा। मलबे में दबे घायल मज़दूरों को लंभुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
मौके पर एसडीआरएफ टीम अयोध्या का रेस्क्यू हुआ समाप्त। लगभग एक दर्जन लोगों के दबे होने की सम्भावना। बचाव व राहत कार्य के लिए एसडीआरएफ अयोध्या की टीम बुलाई गई थी। निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा बरती गयी घोर लापरवाही सामने आई है। अधिक ऊंचाई पर छत ढालने की वजह से ये घटना घटित हुई। ठेकेदार द्वारा मजदूरों को सुरक्षा के उपकरण नहीं उपलब्ध कराए गए थे।
घटना में दो सगे भाई समेत तीन श्रमिकों की मौत हुई है। राहत व बचाव टीम ने गैस कटर से काटकर अभी तक तीन शव निकाल सके हैं। डीएम व एसपी सुल्तानपुर समेत उच्चाधिकारियों ने घटना स्थल पर किया कैम्प हुआ है। इलाके में मातम पसरा हुआ है। गाँव के लिए तरह-तरह की बात कर रहे हैं। भवन स्वामी पुराने घर से हटकर खेत में नए मकान का निर्माण करा रहा था। बिना मानचित्र पास कराये और कुशल इंजीनियर से सलाह लिए बगैर भवन का निर्माण ठेकेदार के जरिये कराया जा रहा था।
मनमाने तरीका अपनाते हुए ठेकेदार और भवन स्वामी द्वारा छत की ऊंचाई लगभग 20 फिट निर्धारित की गई थी। छत की ऊंचाई अधिक कर देने की वजह से छत ढालने के दौरान शटरिंग इधर-उधर हो गई, जिससे ढलाई की गई छत और उस पर खड़े मजदूर सब मलबे के साथ दब गए। चीख पुकार के बीच राहत कार्य शुरू हुआ, परन्तु अभी अधिकृत रूप से मृतकों की संख्या की घोषणा जिला प्रशासन द्वारा नहीं किया जा सका है।