छठी तक की थी पढ़ाई, ‘रंगदार’ बनने की ख्वाहिश में अंकित ने मंत्री को दी बम से उड़ाने की धमकी
गिरिडीह। सूबे के शिक्षा, नगर विकास, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग मंत्री सुदिव्य कुमार एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरिडीह के बाभनटोली- राजेंद्र नगर निवासी अंकित कुमार मिश्रा गिरफ्तार हो गया है और अभी केंद्रीय कारा गिरिडीह में बंद है। अंकित को वीडियो वायरल होने के 12 घंटे के अंदर ही गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार की टीम ने बिहार के पटना से गिरफ्तार कर लिया।
अंकित जेल चला गया लेकिन लोग इस बात को जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर निम्न मध्यमवर्ग से आने वाले अंकित ने ऐसा क्यों किया। इसकी पड़ताल ईटीवी भारत ने भी की। यह पता लगाया गया कि आखिर इसके पीछे की मंशा क्या थी।छानबीन और पुलिस को अंकित के द्वारा दिए बयान में यह साफ हुआ कि अंकित के इस बयान के पीछे की मंशा ‘रंगदार’ बनने की थी। अंकित गिरिडीह का रंगदार बनना चाहता था। वह यह ख्वाहिश शुरू से पाले हुए था कि उसके नाम की दहशत जिले में हो। अंकित की ख्वाहिश थी कि उससे लोग डरें। इसी चाहत में उसने दोनों मंत्रियों को मारने की धमकी वाला वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
दो बार घर वालों को सौंप चुका है ‘चाईल्ड हेल्प लाइन’
पुलिस ने अंकित से पूछताछ की है तो यह भी साफ हुआ है कि अंकित ने नेहरू मध्य विद्यालय से कक्षा छह तक ही पढ़ाई की है। पढ़ाई छोड़कर वह 2017 में मुंबई भाग गया। मुंबई से वापसी के क्रम में चाइल्ड हेल्प लाइन ने उसे पकड़ा और घरवालों के सुपुर्द कर दिया। यहां के बाद वह कोलकाता चला गया। यहां भी चाइल्ड हेल्प लाइन वालों ने उसे पकड़ कर घरवालों को सौंपा। फिर कोरोना काल में वह फिर से मुंबई चला गया और बार में काम करने लगा। यहां मन नहीं लगा तो वापस घर आ गया।
मोबाइल छिनतई से लेकर बाइक की चोरी तक
पुलिस को दिए बयान में उसने बताया है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पहली बार वर्ष 2023 में मोबाइल की छिनतई की। उसने अपने साथी के साथ जमुआ रोड में आधा दर्जन मोबाइल छीनने का काम किया। उसने बताया कि एक बार जब पैसे की कमी होई तो उसने बाइक की चोरी कर डाली और इस मामले में वह जेल चला गया। जेल से निकलने के बाद छोटा-मोटा बदमाशी करता लेकिन उसके बाद फिर जेल नहीं गया।
भाड़े का टोटो चलाने पर हुआ विवाद
अंकित ने पुलिस की पूछताछ में यह भी बताया वह हाल के दिनों में किराये का टोटो ( ई-रिक्शा) चलाता है। इसी दौरान जब वह सिहोडीह से कोलडीहा होते हुए घर जा रहा था तो तीन-चार लड़कों ने उसे रोका जिसके बाद विवाद हो गया। फिर घर के पास भी उन्हीं लड़कों से लड़ाई हुई। उसने जब यह बातें घर में बताईं तो घरवालों ने उसे वृन्दावन जाने को कहा। वह घर से निकला और जमुई पहुंच गया। यहीं पर एनडीए की बैठक देखने पहुंच गया तो मीडिया के लोग मिले और मैंने मंत्रियों को मारने का बयान दिया।
नगर थाना में दर्ज है दो मामला
इधर, अंकित की गिरफ्तारी के बाद जब उसकी क्राइम हिस्ट्री खंगालने का काम पुलिस ने किया तो इसके खिलाफ दो मामले मिले। दोनों मामले नगर थाना में दर्ज हैं जिसका कांड संख्या 68/2018 और 111/2023 हैं। पुलिस की माने तो कांड संख्या 68/2018 मारपीट और छिनतई से जुड़ा हुआ है तो 111/2023 बाइक चोरी से।