8 साल में 60 एनकाउंटर करने वाले आईपीएस अफसर दीपक भूकर को बनाया गया प्रतापगढ़ का नया एसपी
योगी सरकार में काबिल अफसरों की हर समय तलाश रहती है और उसी क्रम में आईपीएस अफसर दीपक भूकर को प्रयागराज के पुलिस उपायुक्त बनाया गया और पुलिस उपायुक्त रहते अधिवक्ता उमेश पाल के 2 हत्यारों को ढेर कर सुर्ख़ियों में आये थे, इसी वजह से दीपक भूकर को उन्नाव का पुलिस अधीक्षक बनाया गया था, वहीं उन्नाव में तैनात एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना को पुलिस उपायुक्त पद पर प्रयागराज भेजा गया था, अब नई पारी खेलने के लिए उन्नाव के एसपी दीपक भूकर को प्रतापगढ़ जिले की कमान सौंपी गई है…
आईपीएस दीपक भूकर पहले इंस्पेक्टर की नौकरी की तो फिर एसडीएम बने और बाद में साल- 2016 में यूपीएससी का एग्जाम पास कर यूपी कैडर के आईपीएस अफसर बन गए। साल- 2011 में दीपक भूकर एसएससी की परीक्षा पास कर सेंट्रल एक्साइज में इंस्पेक्टर बन कर काम करने लगे, लेकिन दीपक भूकर यहीं तक सीमित रहने वाले नहीं थे। उन्होंने अपना लक्ष्य बनाया हुआ था कि मुझे उस जगह जाना है, जहां देश की सेवा के साथ-साथ आम जनता के लिए भी काम कर सकूं।
सही कहा गया है कि पूत के पाँव पालने में ही दिख जाते हैं। इसी कहावत को दीपक भूकर ने साल- 2016 में आईपीएस अफसर बनकर पूरा किया। पीसीएस बनने के बाद दीपक भूकर को केंद्र शासित राज्य दिल्ली में तैनात किया गया। यहां पंजाबी बाग के एसडीएम के तौर पर उन्होंने काम किया। इसके बाद उनका ट्रांसफर लक्ष्यदीप कर दिया गया। वहां भी वह विभिन्न पदों पर रहे।
हरियाणा प्रदेश के झज्जर जिले में 28 जुलाई, 1986 को नरेंद्र पाल के घर में जन्म लेने वाले दीपक भूकर ने बीएससी और एमएससी बॉटनी (MSC BOTANY) से पास करके सरकारी नौकरी की तलाश में जुट गए। साल- 2011 में एसएससी पास कर इंस्पेक्टर बनने वाले दीपक भूकर ने साल- 2014 में यूपीएससी (UPSC) का एग्जाम क्लियर किया तो इस बार भी वह सफल हुए और वो पीसीएस बन गए।
पीसीएस बनने के बाद दीपक भूकर को केंद्र शासित राज्य दिल्ली में तैनात किया गया। यहां पंजाबी बाग के एसडीएम के तौर पर उन्होंने काम किया। इसके बाद उनका ट्रांसफर लक्ष्यदीप कर दिया गया। वहां भी वह विभिन्न पदों पर रहे। लेकिन दीपक भूकर यहीं तक सीमित रहने वाले नहीं थे। जब साल- 2014 में यूपीएससी क्लियर कर पीसीएस चुन लिए गए तो दीपक भूकर ने ठान लिया था।
उत्तर प्रदेश कैडर का आईपीएस बनने के बाद दीपक भूकर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ट्रेनिंग के दौरान उनकी पोस्टिंग जनपद जौनपुर में हुई। जहां उन्होंने 3 महीने तक जाफराबाद थाना प्रभारी के तौर पर काम किया। उसके बाद सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में दीपक भूकर ने मुरादाबाद में सेवाएं दी। मुरादाबाद से दीपक भूकर को कानपुर कमिश्नरेट में तैनात किया गया। वहां से 8 अगस्त, 2021 को उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपक भूकर को हापुड़ जनपद का पुलिस कप्तान बना दिया था।
अब उन्हें देश की सबसे बड़ी सेवा यूपीएससी (UPSC) का एग्जाम पास करना उनका लक्ष्य बन गया था और वह उसी की तैयारी में जुट गए। ठीक 2 साल बाद साल- 2016 में जब यूपीएससी एग्जाम का रिजल्ट आया तो दीपक भूकर इस बार भी सफल हुए और उन्हें आईपीएस सेवा के लिए चुन लिया गया और उन्हें कैडर मिला, उत्तर प्रदेश। यूपी में दीपक भूकर को पहली कप्तानी हापुड़ जनपद में करने को मिली।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में छेड़छाड़ के मामले में विवेचना के दौरान नाम बढ़ाने की धमकी देकर ग्राम प्रधान से डेढ़ लाख रुपये की घूस लेते दारोगा के पकड़े जाने के मामले में एसपी दीपक भूकर ने गिरफ्तार दरोगा को निलंबित कर दिया था, वहीं कोतवाली प्रभारी की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए एसपी दीपक भूकर ने हसनगंज कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया था। इस घटना से एसपी उन्नाव दीपक भूकर सुर्खियों में आये थे।