उत्तरप्रदेशमेरठ लग्जरी कारें फाइनेंस करा फर्जी आरसी पर बेचने का भंडाफोड़, आरटीओ का क्लर्क मास्टरमाइंड By Pratibha Rajdar Last updated Oct 6, 2025 82 मंसूरपुर थाना पुलिस ने फर्जी आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) व कागजात तैयार कर कार बेचने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के मेरठ निवासी तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी शहजाद मलिक निवासी गांव गगोल और प्रवीन कुमार व रविंद्र निवासी शास्त्रीनगर आरटीओ कार्यालय में लिपिक पद पर तैनात रहे दीपक के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा करते हैं। दीपक गिरोह का मास्टरमाइंड है, उसे पुलिस तलाश रही है। वह वर्तमान में आगरा आरटीओ कार्यालय में तैनात है। पुलिस ने पांच लग्जरी कार, दो फर्जी नंबर प्लेट, दो फर्जी आरसी व फाइनेंस से संबंधित अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि रविवार को मंसूरपुर पुलिस ने शाहपुर रोड की तरफ से आ रही महिंद्रा थार कार को रोका। तलाशी लेने पर कार से दो फर्जी नंबर प्लेट, दो आरसी, फाइनेंस से संबंधित अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद हुए। उसमें सवार शहजाद मलिक, प्रवीन कुमार और रविंद्र को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने फर्जी कागजात वाली चार कार चौकी बेगराजपुर स्थित खाली पड़े प्लाट से बरामद कीं। कार लोन कराकर तैयार करते हैं फर्जी आरसी तीनों आरोपियों ने बताया कि वह मेरठ के संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) के क्लर्क दीपक के साथ गिरोह चलाते हैं। गिरोह कार फाइनेंस कराकर कागजात बनवाकर बेचता है। कार लेने के बाद पांच छह माह तक किश्त दी जाती है। इसके बाद किश्त बंद कर देते हैं। कार की आरसी पर फाइनेंस कंपनी से लोन कराया जाना लिखा होता है। आरटीओ का क्लर्क फर्जी एनओसी व फर्जी आरसी व अन्य कागजात तैयार करता है। इसके बाद फाइनेंस कराई कार को बेचते हैं। चार से छह लाख रुपये लेता है दीपक एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी अब से पहले भी कई कार बेच चुके हैं। आरटीओ का लिपिक छोटी कार के चार लाख व बड़ी कार के छह लाख रुपये अपने काम के लेता है। गिरोह के सदस्य मेरठ निवासी दीपक, महकार व जितिन की तलाश की जा रही है। डीएल बनवाने का काम करता है रविंद्र गिरफ्तार आरोपी रविंद्र मेरठ में आरटीओ कार्यालय के बाहर बैठकर ड्राइविंग लाइसेंस आदि बनवाने का काम करता था। वह वहां आने वाले लोगों को सस्ते दाम में कार दिलाने का झांसा देकर फंसाता था। दीपक विभाग में अपनी आईडी का इस्तेमाल कर एनओसी व आरसी बनाता था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस उसके करीब पहुंच गई है। उसकी कभी भी गिरफ्तारी की जा सकती है। थार और महिंद्रा एक्सयूवी कार बेचीं शहजाद ने अपने नाम से दो थार सहित तीन लग्जरी कार फाइनेंस पर निकलवाई हैं। शहजाद ने स्कॉर्पियो कार 12 लाख में बेची थी। आरोपी महकार ने महिंद्रा एक्सयूवी अपने नाम निकलवा कर नूर मोहम्मद को बेची दी थी। दो कार बेची जा चुकी हैं। उनका मालिकाना हक भी ट्रांसफर करा दिया था लेकिन दो कार सौंपी नहीं थी। गिरोह में मुख्य आरोपी शहजाद अपने नाम से कार निकलवाता है। samachar 82 Share