अस्पताल की दूसरी मंजिल से कूदा मरीज, मौतः पत्नी बोली- स्टाफ ने नीचे फेंका; 3 दिन पहले भर्ती कराया था
मेरठ में शुक्रवार रात एक अस्पताल की दूसरी मंजिल से मरीज कूद गया। इससे उसकी मौत हो गई है। मरीज को तीन दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे खून की कमी थी।
मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। मामला गढ़ रोड स्थित लोकप्रिय अस्पताल का है। अस्पताल मेरठ शहर का नामचीन और पुराना है। इसके संचालक सुभारती यूनिवर्सिटी ग्रुप से हैं।
मृतक की पत्नी का आरोप है कि स्टाफ ने मेरे पति को नीचे फेंक दिया। इससे उनकी मौत हुई है। वह अब इस जिद पर अड़ी है कि जिस हालत में मैंने अपने पति को अस्पताल में भर्ती कराया था, उसी हालत में वापस दो। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची है। छानबीन जारी है। पूरा मामला मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र का है।
क्या कुछ हुआ जानिए पूरा मामला
परिवार मूल रूप से पहाड़ों का रहने वाला है। लेकिन 15 सालों से यहीं मेरठ के जेलचुंगी में रह रहा है। संजय इंवरटर कंपनी में काम करता था। काफी समय से जॉब के कारण मेरठ के जेलचुंगी डाकखाने के पास में रह रहा था। पत्नी का नाम ज्योति है। एक बेटा शुभांक चौधरी है। संजय का हीमोग्लोबिन कम था, इसलिए बुधवार को गढ़ रोड स्थित लोकप्रिय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संजय को डॉ. पीके शुक्ला देख रहे थे।
पत्नी ज्योति ने कहा- खिड़की से धकेल दिया गया
पत्नी ज्योति का आरोप है कि संजय को खिड़की से धकेल दिया गया, जबकि स्टॉफ ने मरीज के खुद शीशा तोड़ते हुए कूदने की बात कही है। आईसीयू में दोबारा संजय को लाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने वहां हंगामा किया है। धरवालों ने अस्पताल में तोड़फोड़ भी की है। वहीं मौके पर पुलिस पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।
पत्नी बोली- अब इनको घर कैसे ले जाऊं
एक वीडियो सामने आया है। जिसमें पत्नी ज्योति कह रही है कि मैं जैसा मरीज लाई थी। मुझे वैसा वापस कर दो। मेरे मरीज को तुम लोगों ने मार दिया है। अब इनको घर कैसे ले जाऊं। खून की कमी थी, इसलिए भर्ती कराया था। एक दिन पहले मरीज को खून दिया गया था। अस्पताल ने उन्हें बताया कि उनका मरीज टॉयलेट करने गया था और खिड़की से कूद गया है।
परिजनों ने अस्पताल में की तोड़फोड़
संजय चौधरी के साले प्रदीप चौधरी सहित तमाम परिजनों ने मौके पर हंगामा किया। अस्पताल में तोड़फोड़ भी कर दी है। अस्पताल की कांच को तोड़ दिया है। कहा कि मरीज की मौत का जिम्मेदार अस्पताल प्रशासन है। जब मरीज को टॉयलेट की थैली लगी थी, तो वो बाथरूम करने क्यों जाएगा। मरीज तीसरी मंजिल से आईसीयू से गिरा है।
मरीज तनाव में भी नहीं था। बस उसे खून की कमी थी। अस्पताल स्टाफ ने मरीज को देखा ही नहीं, सारा स्टाफ मोबाइल में लगा रहा, इसलिए उन्हें पता ही नहीं चला कि मरीज कब गिर गया या उसे धक्का दिया गया है। अस्पताल वाले इसे सुसाइड कह रहे हैं, लेकिन परिजनों ने हत्या बताया है।
अभी तक मरीज के परिजनों की तरफ से कोई शिकायत नहीं दी गई है। लेकिन परिवार काफी तनाव में है। परिवार बार-बार यही कह रहा है कि मरीज को मार दिया गया है। मौके पर सीओ सिविल लाइन अभिषेक त्रिपाठी भी पहुंच गए हैं। साथ ही नौचंदी थाने की पुलिस पहुंची है।