माँ-बेटे की हत्याकांड का पुलिस ने कर दिया खुलासा, अवैध संबंध के विवाद में भतीजे ने कर दी दो हत्याएं
प्रतापगढ़। अंतू थाना क्षेत्र के पारा हमीदपुर गांव में मां व बेटे का ब्लाइंड और सनसनीखेज मर्डर जिसने सभी का दिल दहला दिया था। पुलिस सिर्फ मां व बेटे के अंतिम संस्कार का इंतजार कर रही थी। दिनांक- 16.03.2026 को थाना अंतू क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पारा हमीदपुर में 01 महिला एवं उसके पुत्र की हत्या की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।
पुलिस की जांच में 01 महिला (उम्र लगभग 42 वर्ष) एवं उसका पुत्र उम्र लगभग 14 वर्ष के शव उनके घर में पाए गए, जिनके सिर पर चोट के निशान पाए गए थे। घटना के संबंध में मृतकों के परिजनों द्वारा अपने पटीदारों पर संदेह व्यक्त किए जाने के आधार पर थाना अंतू पर मु0अ0सं0 58/2026 धारा 103(1), 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत 04 नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था ।
सूचना प्राप्त होते ही उच्चाधिकारीगण द्वारा तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया। फील्ड यूनिट, स्थानीय पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य संकलन की कार्यवाही विधिवत की गई। घटना की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ श्री दीपक भूकर द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए घटना के शीघ्र अनावरण एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु विभिन्न पुलिस टीमों का गठन किया गया।
गठित टीमों द्वारा घटनास्थल से प्राप्त भौतिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं के आधार पर अभियुक्तों की शिनाख्त एवं गिरफ्तारी हेतु सतत एवं प्रभावी प्रयास किए जा रहे थे। प्रकरण की गहन विवेचना के दौरान तथ्य प्रकाश में आए कि उक्त नामजद अभियुक्त घटना में संलिप्त नहीं पाए गए। उक्त अभियोग में धारा 3(5) बीएनएस का लोप किया गया।
अवैध संबंध के विवाद में महिला व पुत्र की हत्या करने वाला अभियुक्त रणबहादुर मौर्या गिरफ्तार, 01 अदद आलाकत्ल कुदाल बरामद
जांच में यह भी ज्ञात हुआ कि मृतका के किसी व्यक्ति से अवैध संबंध थे, एवं रणबहादुर मौर्या पुत्र रणजीत मौर्या निवासी ग्राम पारा हमीदपुर, थाना अंतू प्रतापगढ़ से भी अवैध संबंध थे । घटना के समय मृतका वीडियो कॉल पर वार्ता कर रही थी, जिसे देखकर अभियुक्त आक्रोशित हो गया और कुदाल से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। इस दौरान मृतका का पुत्र, जो पास में सो रहा था, जाग गया और घटना देख ली, जिस पर अभियुक्त द्वारा उसकी भी हत्या कर दी गई । मौके से मृतका का मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
अंतू पुलिस व स्वॉट टीम की संयुक्त कार्रवाई में दोहरे हत्याकांड का खुलासा
पुलिस अधीक्षक, प्रतापगढ़ दीपक भूकर द्वारा आपराधिक क्रिया कलाप में संलिप्त अपराधियों के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) शैलेन्द्र लाल व सहायक पुलिस अधीक्षक/ क्षेत्राधिकारी नगर प्रशान्त राज के कुशल पर्वेक्षण में थाना प्रभारी अंतू अभिषेक कुमार सिरोही नेतृत्व में थाना अंतू निरीक्षक अपराध विनोद कुमार यादव मय हमराह व स्वॉट टीम प्रभारी उ0नि0 अमित कुमार चौरसिया (मय प्रथम व दित्तीय टीम) मय हमराह द्वारा देखभाल क्षेत्र/तलाश वांछित, वारण्टी अभियुक्त व संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर मु0अ0सं0 58/26 धारा 103(1)/351(3) बी0एन0एस0 थाना अन्तू जनपद प्रतापगढ़ से संबंधित 01 अभियुक्त रणबहादुर मौर्या पुत्र रणजीत मौर्या नि०ग्राम पारा हमीदपुर थाना अन्तू जनपद प्रतापगढ़ उम्र करीब 30 वर्ष को घटना में प्रयुक्त 01 अदद आलाकत्ल कुदाल के साथ थाना अंतू क्षेत्रान्तर्गत ककरहिया मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया।
हत्याभियुक्त ने डबल मर्डर को स्वीकारा और अपना गुनाह को किया कबूल
अभियुक्त रणबहादुर मौर्या ने बताया कि जो मेरे घर के पास दोहरे हत्या काण्ड में 01 महिला व उसके बेटे की हत्या की घटना हुई थी उनकी हत्या मैंने ही की थी। मेरा और महिला से करीब 03 वर्ष से प्रेम सम्बन्ध था। फिर भी वह कई लोगो से वार्ता करती थी जिसे मैंने कई बार अन्य लोगो से बात करने से मना किया किन्तु वह नही मान रही थी और मुझे धोखा दे रही थी, जबकि मैं मृतका महिला व उसके पूरे परिवार का पूरा खर्च व देखभाल करता था।
घटना के समय भी वह किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर बातचीत कर रही थी। यह देखकर मैं गुस्सा हो गया। और उसी आवेश मे आकर मैंने शिवपती के सिर पर कुदाल से वार कर दिया। जिससे वह मौके पर ही मर गयी उसी समय उसका लड़का औरव जो बगल मे सो रहा था। जाग गया और चिल्लाना चाहा तो मैंने अपने आप को फंसता देख उसे भी उसी कुदाल से सिर पर वार कर मार दिया था। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गयी।
मृतका के पुत्र को मारने की मेरी कोई मंशा व नियत नही थी। केवल अपने आप को बचाने के लिये मैंने उसकी की जान ले ली। आप लोगो को जानकारी होने पर मैं गाँव मे ही छिप-छिप कर रह रहा था अन्तिम संस्कार मे भी मैं नही गया था । आज मैं बाहर भागने के लिये निकला था कि आप लोगो ने मुझे पकड़ लिया। अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 01 अदद आलाकत्ल कुदाल को बरामद किया गया।
मां बेटे के दोहरे कत्ल की पुलिस ने गुत्थी तो सुलझा दी और बेगुनाह लोगों को हत्या जैसे मामले में आरोपित होने से बचा लिया। बेहद उलझे गूढ़ रहस्यमय तरीके से हुई इस हत्या को पुलिस ने जितने धैर्य के साथ सुलझा लिया, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। जबकि मृतक महिला की तीनों बेटियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक उनका पड़ोसी से जमीनी विवाद चल रहा था, उसी को आधार बनाकर पड़ोसी के नाम मुकदमा लिखाया गया
और शंका ब्यक्त किया गया कि व्ही लोग हत्या किये होंगे। उनके खिलाफ नामजद तहरीर पर पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए उठा लिया था। लेकिन पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर, सीओ सिटी प्रशांत हुड्डा और अंतू थाना प्रभारी अभिषेक सिरोही के मन में इस घटना को लेकर कुछ और ही चल रहा था। उन्होने बिना कोई दबाव प्रभाव माने सिर्फ एक ही लाइन पर फोकस किया। घटना के सही कारणों और तथ्यों के साथ ही खुलासा करेंगे।
आरोपी जो भी होगा बख्शा नहीं जाएगा, निर्दोष को किसी भी कीमत पर इस घटना का दोषी नही बनाया जायेगा। इस दुर्दांत हत्याकांड में जब रणविजय मौर्य को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, तब मृतका के परिजन व बेटियां उसे छोड़ने का पुलिस से दबाव बना रही थीं। लेकिन तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर, सीओ सिटी आईपीएस प्रशांत हुड्डा और थाना प्रभारी अभिषेक सिरोही ने अपना इरादा नहीं बदला और असल हत्यारे की तलाश में जुटे रहे।
जिसके लिए पुलिस के आला अफसर घटना की कड़ियों से कड़िया जोड़ते गए और साक्ष्य को एकत्र करते रहे। पुलिस को सिर्फ बॉडी डिस्पोज होने का इंतजार था। जैसे ही मां-बेटे का अंतिम संस्कार हुआ, पुलिस पूरी ताकत से इस घटना के खुलासे को अंतिम रूप देने के लिए लग गई। आखिर में जिस बेरहमी से माँ-बेटे का कत्ल हुआ था, वह एक तरह से मानवता का कत्ल था, रिश्तों का कत्ल हुआ था और सामाजिक मर्यादाओं का कत्ल था।
जिसमें रिश्ते में चाची से प्रेम प्रसंग रखने वाला मानसिक रोगी रणविजय मौर्य ही मानवता को कलंकित वाली इस घटना का मुख्य किरदार निकला। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर इस जघन्य घटना के दुर्दांत आरोपी को जेल भेज दिया। पुलिस ने माँ-बेटे के इस जघन्य हत्याकांड में गजब के धैर्य का परिचय दिया। पुलिस के इस खुलासे की चारो तरफ तारीफ़ हो रही है। अब माँ-बेटे की आत्मा को न्याय मिले और हत्यारोपी को मृत्यु दंड की सजा मिले।