BSA अखिलेश प्रताप सिंह को बेल्ट से पीटने वाले प्रधानाचार्य बृजेंद्र वर्मा को भले ही जेल की हवा खानी पड़ी, परन्तु बीएसए साहेब की करतूत उजागर होते ही उन्हें भी सस्पेंड कर दिया गया
सीतापुर। प्रत्येक जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग का मुखिया BSA होता है और उसके अधीनस्थ कई खंड शिक्षा अधिकारी होते हैं जो अपने-अपने खंड में संचालित प्राइमरी स्कूलों की निगरानी करते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर भी महिला अधिकारी तैनात होती हैं और स्कूलों में शिक्षिका और प्रधानाध्यापिका भी तैनात होती हैं। फिर भी बेसिक शिक्षा विभाग का मुखिया किसी महिला स्टाफ के चक्कर में अपनी इज्जत की नीलामी करवा ले, ये कोई सपने में भी सोचता नहीं है।
ऐसे ही चरित्र के एक बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह की करतूत सामने आई है। एक महिला शिक्षिका जिसका नाम अवंतिका गुप्ता है, उसकी हाजिरी भरने के लिए प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा पर बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह दबाव बना रहे थे। कहा जा रहा है कि कई महीने से बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह अपने प्रभाव में फेंक हाजिरी लगवाकर अवंतिका गुप्ता को तनख्वाह दी जा रही थी।
इस बात का खुलासा होते ही योगी सरकार उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। हुआ यूं कि बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह अपनी खास महिला टीचर की बिना आए हाजिरी का दबाव प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा पर बनाना उन्हें महंगा पड़ गया। क्योंकिं BSA अखिलेश प्रताप सिंह ने प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को अपने दफ्तर तलब किया और उस पर दबाव बनाना शुरू किया कि महिला टीचर की हाजिरी किसी भी दशा में उसे भरना होगा।
बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह और प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा के बीच दफ्तर में ही कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा ने BSA को बेल्ट से उनका ट्रीटमेंट शुरू कर दिया। हालांकि बीएसए दफ्तर में मारपीट का वीडियो जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ उसमें सिर्फ प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा द्वारा BSA को बेल्ट से मारने तक रहा। जबकि पूरी वीडियो यदि जारी किया जाये तो उसमें और भी सच्चाई सामने आ सकती है।
हालांकि प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा के द्वारा BSA को बेल्ट से मारने की वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को पुलिस उठा ले गई और उन पर मुकदमा लिखकर जेल भेज दिया। अब मामला खुला तो BSA की करतूत भी सार्वजनिक हुई तो शासन ने BSA को सस्पेंड कर दिया और विभागीय जाँच बैठा दिया। वहीं शिक्षक संघ के नेताओं की मांग है कि BSA अखिलेश प्रताप सिंह अधिकारी की निष्पक्ष जाँच की जाय और दोषी पाएं जाने पर उन्हें बर्खास्त किया जाय
प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा पर BSA अखिलेश प्रताप सिंह द्वारा अपने पद का बेजा इस्तेमाल करके फेंक हाजिरी भरने के लिए दबाव बनाने वाला ऑडियो वायरल जब वायरल हुआ तो BSA अखिलेश प्रताप सिंह की काली करतूत का भांडा फूटा गया। अब चारो तरफ BSA अखिलेश प्रताप सिंह और उनकी ख़ास महिला टीचर के विषय में चर्चा होना स्वाभाविक है। क्योंकि अब दोनों के फोटोग्राफ भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।