भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक लक्ष्मी नारायण पाण्डेय ‘गुरुजी’ का हुआ निधन, प्रतापगढ़ व प्रयागराज में शोक की लहर
प्रतापगढ़। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक लक्ष्मी नारायण पाण्डेय ‘गुरुजी’ का गुरुवार को हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया। वे 78 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से प्रतापगढ़ में शोक की लहर दौड़ गई। लक्ष्मी नारायण पाण्डेय ‘गुरुजी’ ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के कार्यकाल में बीरापुर विधानसभा क्षेत्र (वर्तमान में रानीगंज) से विधायक के रूप में सेवा की थी। उनकी सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए उन्हें क्षेत्र में काफी सम्मान प्राप्त था।
लक्ष्मी नारायण पाण्डेय ‘गुरुजी’ लंबे समय से भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे और क्षेत्र की जनता के बीच उनकी गहरी पैठ थी। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में सामाजिक कार्यों और जनकल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योगदान दिए। उन्हें वालीवुड में फिल्मों को लेकर बहुत शौक थी। कुछ फिल्मों में उन्होंने काम भी किया था। उनके निधन की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता उनके आवास पर पहुंचे।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, लक्ष्मी नारायण पाण्डेय एक समर्पित नेता और समाजसेवी थे। साल-2009 में जब भाजपा के पास लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार का आकाल छाया था, तब लक्ष्मी नारायण पाण्डेय ‘गुरुजी’ को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मनाकर सपा से भाजपा में लाये थे और उन्हें प्रतापगढ़ से भाजपा का उम्मीदवार बनाया था। हालांकि भाजपा की स्थिति उस समय ठीक नहीं थी और वह चुनाव हार गए थे।
बीजेपी के नेताओं में उनकी अलग छवि थी। उनके निधन से पार्टी को जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई नहीं की जा सकती। क्षेत्र और समाज के लिए समर्पित नेता के निधन से जो नुकसान होता है, वह अपूरणीय होता है। भाजपा के अन्य नेताओं ने भी सोशल मीडिया और शोक सभाओं के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। क्षेत्र के लोगों ने लक्ष्मी नारायण पाण्डेय ‘गुरुजी’ को एक दयालु और कर्मठ नेता के रूप में याद किया।
जिले और क्षेत्र के लोगों ने कहा, “गुरुजी” हमेशा जनता की समस्याओं को सुनते थे और उनके समाधान के लिए प्रयासरत रहते थे। भाजपा के पूर्व विधायक रहते हुए वह सपा में चले गए, फिर भी भाजपा के कार्यकर्ताओं का पूर्व विधायक लक्ष्मी नारायण पाण्डेय ‘गुरुजी’ हमेश सम्मान और सहयोग करते रहे। वर्तमान में वह प्रयागराज के सिविल लाइन में सर्किट हाउस के पास अशोक नगर मोहल्ले में सपरिवार रहते थे। मूलतः रानीगंज, प्रतापगढ़ के निवासी थे।