जुआड़ियों को आज भी नहीं मिल सकी जमानत, मिली दूसरे दिन की तारीख
जुआड़ियों की जमानत के लिए अधिवक्ताओं में हो रहा टकराव, जुआड़ी के अधिवक्ता और डीजीसी क्रिमिनल के बीच हुई जमकर खटापट…
प्रतापगढ़। कोतवाली नगर में पुलिस की छापेमारी में लाखों रूपये बरामदगी करने के साथ 19 जुआड़ियों ताश की गड्डियों समेत आभूषण, चार पहिया वाहनों और दो पहिया के साथ कोतवाली नगर की पुलिस चालान कर सभी का मेडिकल मोयना कराने के बाद सभी को दूसरे दिन अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने सभी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
डीजीसी क्रिमिनल और जुआड़ी के अधिवक्ता के बीच उत्पन्न विवाद के पश्चात अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारियों ने माननीय से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा और कुछ जुआड़ियों की फ़ाइल अलग करने की सिफारिश भी की- सूत्र।
इस तरह कई सालों से जुआ खेलने की लत लगने के बाद भी जेल जाने से बचते रहे। परन्तु भारतीय दंड संहिता से भारतीय न्याय संहिता के बदलने से इस बार जुआड़ियों को जेल की हवा खानी पड़ी। जुआड़ियों की तरफ से जमानत के लिए जब प्रार्थना पत्र अधिवक्ता के माध्यम से अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया तो जिला शासकीय अधिवक्ता क्रिमिनल और जुआड़ियों के अधिवक्ता के बीच तू तू मैं मैं हो गई। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि सरकारी अधिवक्ता बहस करने से इंकार कर दिया। नतीजा अदालत को अगली तारीख निर्धारित मुकर्रर करनी पड़ी।
आज जुआड़ियों के जमानत की पुनः तारीख है। जुआड़ियों के अधिवक्ता ऐड़ी चोटी एक कर दर दिये हैं। एक सीनियर अधिवक्ता तो एक जुआड़ी को छुड़ाने के लिए सभी जुआड़ अपना लिये। फिलहाल अभी तक उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। देखना होगा कि आज उन्हें सफलता मिलती है अथवा पुनः मामले में अगली तारीख पड़ जाती है। ये तो समय तय करेगा। परन्तु जुआड़ी के वकील साहेब कोई कमी नहीं छोड़े। अब इसका एहसास उस जुआड़ी को होता है अथवा नहीं ये तो जमानत मिलने और जेल से बाहर आने के बाद ही पता चल सकेगा।