5-6 दिन तक कमरे में सड़ती रही छोटे भाई की लाश, एक ही घर में रहकर भी बड़े भाई को नहीं लगी
कानपुर में एक घर में दो भाई रह रहे थे। फिर भी बड़े भाई को नहीं पता चला की उसके छोटे भाई की मौत हो गई। लाश 5 दिन तक सड़ती रही। बदबू आने पर किराएदार ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। बहन ने कहा उसे भी भाई की मौत के बारे में सूचना नहीं । यूपी के कानपुर में दो मंजिला मकान में नीचे कमरे में रह रहे छोटे भाई की लाश पांच से छह दिन तक सड़ती रही और ऊपर रह रहे बड़े भाई को इसकी भनक तक नहीं लगी। इतना ही नहीं मौत के बाद भी बड़ा भाई उसे नशेबाज बताता रहा। हकीकत का पता तब चला जब कमरे बदबू आने लगी। किराएदारों ने अनहोनी की आशंका में इसकी सूचना रायपुरवा पुलिस को दी। पुलिस ने दरवाज तोड़ने के बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाया। देवनगर के 49 वर्षीय किशन मोहन शुक्ला मजदूरी करते थे। मां शैव्या शुक्ला और पिता गणेश प्रसाद शुक्ला का कई साल पहले निधन हो चुका है।
5-6 दिन तक कमरे में सड़ती रही छोटे भाई की लाश, एक ही घर में रहकर भी बड़े भाई को नहीं लगी भनक
कानपुर में एक घर में दो भाई रह रहे थे। फिर भी बड़े भाई को नहीं पता चला की उसके छोटे भाई की मौत हो गई। लाश 5 दिन तक सड़ती रही। बदबू आने पर किराएदार ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। बहन ने कहा उसे भी भाई की मौत के बारे में सूचना नहीं दी गई। यूपी के कानपुर में दो मंजिला मकान में नीचे कमरे में रह रहे छोटे भाई की लाश पांच से छह दिन तक सड़ती रही और ऊपर रह रहे बड़े भाई को इसकी भनक तक नहीं लगी। इतना ही नहीं मौत के बाद भी बड़ा भाई उसे नशेबाज बताता रहा। हकीकत का पता तब चला जब कमरे बदबू आने लगी। किराएदारों ने अनहोनी की आशंका में इसकी सूचना रायपुरवा पुलिस को दी। पुलिस ने दरवाज तोड़ने के बाद फॉरेंसिक टीम को बुलाया। देवनगर के 49 वर्षीय किशन मोहन शुक्ला मजदूरी करते थे। मां शैव्या शुक्ला और पिता गणेश प्रसाद शुक्ला का कई साल पहले निधन हो चुका है।
बताया जा रहा है कि अविवाहित होने के चलते किशन दो मंजिला मकान में नीचे के कमरे में अकेले रहते थे। जबकि बड़े भाई अच्युत शुक्ला और भतीजा सोनू ऊपर के पोरशन में रहते हैं। गुरुवार शाम किशन मोहन के कमरे से दुर्गंध आने पर नीचे रह रहे किराएदारों ने घटना की जानकारी बड़े भाई अच्युत व पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने अंदर से बंद कमरे का तोड़ा तो किशन का शव फर्श पर पड़ा था। पूछताछ में सामने आया कि, किशन मानसिक मंदित था। रायपुरवा थाना प्रभारी ने बताया प्रथम दृष्टया पांच से छह दिन पुराना अधेड़ का शव प्रतीत हो रहा है। कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया।
भाई की मौत की बहन को जानकारी नहीं।
बड़ी बहन ऊषा शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। उनका आरोप है कि, उन्हें किशन मोहन की मौत की जानकारी तक नहीं दी गई। यहां तक कि पांच-छह दिनों तक किशन के नजर न आने के बावजूद भी बड़े भाई अच्युत और भतीजे सोनू ने उनकी सुध तक नहीं ली। ऊषा का आरोप है कि, यह मकान उनकी मां के नाम पर है। जिसे चोरी छिपे बेच दिया गया है।