प्रतापगढ़ के चांदमारी में जबरन जमीन कब्जा करने एवं तोड़फोड़ करके दहशत पैदा करने वालों के खिलाफ कोतवाली नगर में दर्ज हुई अलग-अलग दो एफआईआर

कोतवाली नगर क्षेत्र सिविल लाइंस पुलिस चौकी क्षेत्र के दहिलामऊ उत्तरी क्षेत्र जो सई नदी के किनारे विस्तारित क्षेत्र को कहते हैं, चांदमारी
प्रतापगढ़। इन दिनों शहरी क्षेत्र प्रतापगढ़ में जनपद के बाहर से जमीन पर गुंडई और सरहंगई के दम पर जबरन कब्जा कराने आये बदमाशों पर कोतवाली नगर में दो अलग-अलग मुकदमें दर्ज किये गये हैं। पहला मुकदमा वीरेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरा मुकदमा अजित शर्मा एडवोकेट की तहरीर पर दर्ज हुआ है।
दूसरों की जमीन को जबरन गुंडई के बल पर कब्जाने का पहला मुकदमा भूस्वामी वीरेंद्र प्रताप सिंह की तहरीर पर कोतवाली नगर में अपराध संख्या- 0135/2026 दिनांक- 4 मार्च, 2026 को चार लोगों पर नामजद और 8 से 10 लोगों पर अज्ञात में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। दूसरा मुकदमा अजित शर्मा एडवोकेट की तहरीर पर अपराध संख्या- 0136/2026 दिनांक- 5 मार्च, 2026 को छः लोगों पर नामजद और कुछ लोगों पर अज्ञात में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
पहले मुकदमें में भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत 6 धाराएं लगाई गई हैं और दूसरे मुकदमें में भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत 7 धाराएं लगाई गई हैं। दोनों मुकदमों में ख़ास बात यह है कि आरोपीगण लगभग वहीं हैं। घटना से स्पष्ट होता है कि आरोपियों की मंशा जबरन जमीन कब्ज़ा करने की प्रतीत होती है और सहंगई के बल पर कब्जा करने के लिए ही इतनी संख्या में लोग असलहा लेकर घटना स्थल पर पहुंचे थे और जेसीबी मशीन से तोड़फोड़ भी किये हैं।

भूस्वामी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि सदर तहसील के दहिलामऊ उत्तरी (चांदमारी) की गाटा संख्या-143 पर जबरन कब्जा करने का काम किया गया है, जबकि उक्त भूमि के मालिक वह स्वयं हैं। भूस्वामी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने नगर कोतवाल से फरियाद किया है कि उनकी बैनामें की भूमि को भूमफियओं के चंगुल से सुरक्षित व संरक्षित किया जाये।
पीड़ित वीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना कि उनकी बैनामें की भूमि को गुंडई व सरहंगई के बल पर जबरन कब्जाने के पीछे रेनू सिंह पत्नी स्वर्गीय रुद्रेश प्रताप सिंह निवासिनी भुवालपुर किला, थाना कोतवाली देहात, जनपद प्रतापगढ़ व उनके सहयोगी धीरज शर्मा उर्फ़ संजू पुत्र शोभनाथ शर्मा निवासी- आमी सराय, थाना- पट्टी, जनपद- प्रतापगढ़ जो हिस्ट्रीशीटर है, जिसकी हिस्ट्रीशीट संख्या- 130 A है।
सदर तहसील के दहिलामऊ उत्तरी क्षेत्र के चांदमारी इलाके में उनकी बैनामा शुदा भूमि गाटा संख्या- 143 पर प्रतापगढ़ सहित पट्टी और जौनपुर के अपराधी असलहों के बलबूते जेसीबी मशीन से उनकी बाउंड्रीवाल को तोड़कर जबरन कब्जा कर लिए हैं। कोतवाली देहात क्षेत्र भुवालपुर किला की रहने वाली रेनू सिंह की भूमि गाटा संख्या- 159 है और पीड़ित पक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह की भूमि बगल है, जिसकी गाटा संख्या- 143 है।

हलांकि मौके पर रेनू सिंह नहीं आती और अपने इन्हीं गुंडों और अपराधियों के बल पर वह पीड़ित पक्ष की बैनामें की भूमि जबरन कब्ज़ा कर लेना चाहती हैं, जबकि रेनू सिंह की भूमि का जितना रकबा है, वह उस पर पूरी तरह काबिज हैं। फिर भी दूसरे की जमीन पर जबरन कब्ज़ा कर लेना ही उनका मकसद है। जबकि रेनू सिंह और उनके पति स्वर्गीय रुद्रेश प्रताप सिंह बहुत पहले ही अपने हिस्से में से कई भूखंड बेंच दिया था।
हिस्ट्रीशीटर धीरज शर्मा उर्फ़ संजू के साथ संदीप सिंह पुत्र स्व राम सिंह निवासी- पूरे बासन, थाना- पट्टी, जनपद- प्रतापगढ़ व राणा सिंह पुत्र चंद्रभान सिंह निवासी- डालूपुर, थाना- सुजानगंज, जनपद जौनपुर एवं उनके साथ में 8 से 10 लोग अज्ञात जो असलहा लिए थे और जबरन गुंडई के बल पर उनकी जमीन को जेसीबी मशीन से बाउंड्रीवाल को तोड़कर जबरन कब्जा कर लिए हैं।
कोतवाली देहात के वीरेंद्र प्रताप सिंह पुत्र शिव प्रताप सिंह औद्योगिक क्षेत्र भदोही के रहने वाले हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कल जब उनकी बैनामें की भूमि पर अपराधियों द्वारा जबरन जेसीबी मशीन लगाकर कब्जा किया जा रहा था तो वह मौके पर पहुंचे थे और जबरन कब्जा की वजह पूंछी तो दबंगों की बातें गुंडई वाली रही। उनकी धमकियों से वह डर गया और वहाँ से लौट आना बेहतर समझा।
आरोपों की बातों पर यकीन करें तो दबंगों ने कहा कि यहाँ से भाग जाओ और फिर यहाँ दिखाई न देना, नहीं तो इसी जेसीबी मशीन से खोदकर गाड़ दिए जाओगे। यही नहीं चांदमारी की पुरानी घटनाओं को याद करने की बात भी कही। पीड़ित पक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा कोतवाली नगर में घटना के ही दिन तहरीर दे दी गई थी। घटना के तीन दिन बाद कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया है।