वृंदावन को मिलेगी सबसे बड़ी सौगात,सिक्सलेन बाईपास और सिग्नेचर ब्रिज,ब्रजवालों की चांदी ही चांदी
मथुरा। वृंदावन को सबसे बड़ी सौगात मिलने जा रही है।नेशनल हाईवे-19 और यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए सिक्सलेन बाईपास का निर्माण होगा।इस परियोजना की कुल लंबाई लगभग 15 किलोमीटर होगी।दिल्ली और आगरा की ओर से आने वाले पर्यटक अब शहर के भीतर घंटों जाम में नहीं फसेंगे।
सिक्सलेन बाईपास नेशनल हाईवे-19 पर जैंत से शुरू होकर रामताल और वृंदावन के यमुनापार क्षेत्र से होते हुए सीधे यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन संख्या 101 पर जाकर मिलेगा।इसके बनने से भारी वाहन और बाहर से आने वाले श्रद्धालु शहर के व्यस्ततम रास्तों पर जाए बिना सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे।इसके निर्माण में कुल 1645.72 करोड़ रुपये खर्च होगा,इसका निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कराएगा।
वृंदावन में यमुना नदी पर 400 करोड़ रुपये की लागत से सिग्नेचर ब्रिज बनेगा।यह यमुना पर 1.5 किलोमीटर लंबा और 21 मीटर चौड़ा होगा।इसे जर्मन तकनीक पर केबल और बॉक्सेस से बनाया जाएगा।ब्रिज के साथ एक एलिवेटेड रोड भी जुगलघाट तक बनाया जाएगा,जिससे श्रद्धालु यमुना के घाटों का सुंदर दृश्य देख सकेंगे।
सिग्नेचर ब्रिज वृंदावन बाईपास से होते हुए वृंदावन परिक्रमा मार्ग पहुंचने वाले श्रद्धालुओं काे यमुना के घाट की खूबसूरती का अहसास कराएगा। शाम को ब्रिज की लाइटें देखने के लिए श्रद्धालु खुद को रोक नहीं पाएंगे। इसके बनने से आसपास के गांव की सूरत बदल जाएगी और वहां विकास को पंख लगेंगे। काशी की तर्ज पर सिग्नेचर ब्रिज के बनाए जाने की प्रकिया जल्द ही शुरू होने वाली है।