नाव पर चढ़ाते वक्त ट्रेलर का संतुलन बिगड़ा, 220 टन का सेगमेंट गंगा में पलटा, देखें वीडियो
प्रयागराज में मलका कछार सिक्स लेन पुल निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। कई लोग बाल बाल बच गए। घटना सोमवार के शाम की जिसका वीडियो सामने आया है। स्टेनली रोड से फाफामऊ मलाक हरहर तक गंगा पर सिक्सलेन पुल के सेगमेंट को ट्रेलर पर लादकर नाव पर चढ़ाने के लिए सोमवार शाम डंपर से खींच जा रहा था। इसी बीच संतुलन बिगड़ने से ट्रेलर सेगमेंट समेत नदी में पलट गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं, कार्यदायी संस्था एसपी सिंगला के अधिकारियों ने किसी के भी हताहत होने से इन्कार किया है वीडियो के अनुसार शाम करीब छह बजे फाफामऊ मलाक हरहर की ओर से 32 चक्के के ट्रेलर में करीब 220 टन का लदा सेगमेंट धीरे-धीरे चकर्ड प्लेट से होते हुए नाव पर चढ़ाया जा रहा था। बाढ़ की वजह से सेगमेंट को नाव के जरिये निर्माण स्थल तक पहुंचाया जाना था। इस दौरान एक स्लैब से होते हुए नाव में ट्रेलर का कुछ हिस्सा चढ़ा, लेकिन थोड़ी देर में ट्रेलर का संतुलन बायीं ओर बिगड़ने लगा और देखते ही देखते नदी में गिर गया। वहीं, बायीं ओर खड़े होकर साइड बता रहे युवक की ओर सेगमेंट गिरता दिखाई देता है। हालांकि, हादसे का वीडियो सामने आने के बाद एसपी सिंगला के परियोजना निदेशक सुनील सिंगला ने कहा कि दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। वीडियो में दिख रहा कर्मचारी समय रहते हट गया था। हादसे की वजह से 220 टन का सेगमेंट क्षतिग्रस्त हो गया।
सिक्स लेन पुल
गंगा पर स्टेनली रोड से फाफामऊ मलाक हरहर तक करीब 10 किमी लंबा सिक्स पुल बन रहा है। इसकी लागत 1948 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य 16 फरवरी 2021 से शुरू हुआ था। मार्च 2026 तक पुल का काम पूरा होना है। इसके बनने से प्रयागराज से लखनऊ की दूरी तय करने में काफी कम समय लगेगा।
यह होता है सेगमेंट
सेगमेंट या खंडीय पुल वह पुल होता है जिसे एक बार में पूरा बनाने के बजाय छोटे-छोटे टुकड़ों या खंडों में बनाया जाता है। इन खंडों को एक-एक करके जोड़ कर अंतिम रूप दिया जाता है। इससे पुल का एक हिस्सा धीरे-धीरे बनता है। यह विधि पुल के निर्माण में लचीलापन प्रदान करती है और खास तौर पर कुछ विशेष प्रकार की बाधाओं को पार करने के लिए फायदेमंद होती है। इस प्रकार की घटनाएं काम के अधिक दबाव में होती हैं
इस प्रकार की घटनाएं काम के अधिक दबाव में होती हैं।
सेगमेंट को एक से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करना काफी कठिन काम होता है। ऐसे में अगर ट्रक का एक भी पहिया ऊपर नीचे हुआ तो दुर्घटना होना तय है। – मनोज अग्रवाल, पूर्व मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम, प्रयागराज