14 साल की मासूम लापता: 6 दिन से पुलिस ने दर्ज नहीं किया मामला, बरत रही लापरवाही, परिजनों में बढ़ा आक्रोश
सोनभद्र के जुगैल से 14 वर्षीय पूजा 22 दिसंबर से लापता है। परिवार और ग्रामीण पुलिस पर FIR दर्ज करने में देरी का आरोप लगा रहे हैं। मां लीलावती लगातार थाने के चक्कर लगा रही हैं लेकिन ठोस कार्रवाई की जगह उसे बस आश्वासन मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र के कुरछा गांव से 14 साल की नाबालिग पूजा के लापता होने का मामला सामने आया है।
पूजा 22 दिसंबर 2025 की सुबह से गायब है, लेकिन आठ दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक मुकदमा दर्ज न किए जाने से परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पीड़िता की मां लगातार थाने के चक्कर लगा रही हैं लेकिन उन्हें अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। लापता नाबालिग की मां लीलावती प्राथमिक विद्यालय में मध्यान्ह भोजन बनाकर अपने तीन बच्चों का पालन-पोषण करती है।
उनके पति की करीब 12 वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। लीलावती ने बताया कि 21 दिसंबर की रात पूजा उनके साथ घर में सोई थी। 22 दिसंबर की सुबह करीब पांच बजे जब उनकी नींद खुली तो पूजा घर में नहीं मिली। इसके बाद परिवार और रिश्तेदारों ने आसपास के गांवों और संभावित ठिकानों पर काफी तलाश की लेकिन पूजा का कोई पता नहीं चल सका।
पुलिस बरत रही लापरवाही
लीलावती के अनुसार उसी दिन उन्होंने आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद जुगैल थाने में लिखित शिकायत भी दी गई। शिकायत में एक युवक सहित कुछ लोगों पर पूजा को बहला-फुसलाकर ले जाने का संदेह जताया गया है। आरोप है कि पुलिस ने शिकायत लेने के बाद केवल ‘जांच चल रही है’ कहकर उन्हें लौटा दिया और अब तक न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई।
ग्राम प्रधान ने की प्रशासन से मांग
इस मामले को लेकर गांव में भी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि थाने जाने पर पुलिस हर बार कार्रवाई का भरोसा देती है लेकिन जमीन पर कोई पहल नजर नहीं आती। लोगों का मानना है कि नाबालिग के लापता होने जैसे गंभीर मामले में देरी से स्थिति और बिगड़ सकती है।
ग्राम प्रधान नंदलाल अग्रहरि ने भी नाबालिग के लापता होने की पुष्टि की है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मामला दर्ज कर पुलिस को सक्रिय करने और पूजा की सुरक्षित बरामदगी के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।परिजन और ग्रामीण अब उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि बच्ची को जल्द से जल्द सुरक्षित घर लाया जा सके।