3 युवकों ने फंदा लगाकर की आत्महत्या; अलग-अलग कारणों से दी जान, परिजनों में मचा कोहराम
कानपुर। आर्थिक तंगी, शराब की लत व पत्नी की बेरुखी से परेशान तीन युवकों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। चकेरी, नौबस्ता और बिठूर क्षेत्र में घटनाएं हुई। दरवाजा तोड़कर परिजन कमरे में पहुंचे तो शव फंदे से लटका देख चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल की। मूलरूप से फतेहपुर के ललौली महना गांव निवासी 38 वर्षीय मजदूर राजू सिंह उर्फ चुन्नू चकेरी के अहिरवां सैनिकनगर में किराए पर रहते थे। परिवार में पत्नी गुड़िया, बेटे डुग्गू, कृष्णा, शुभ और बेटी गुनगुन हैं। परिजनों के अनुसार इधर काफी दिनों से काम नहीं मिलने के कारण राजू आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। जरूरतें पूरी न होने पर वह तनाव में था। मंगलवार रात पत्नी और बच्चे छत पर सो रहे थे।
इसी बीच राजू ने कमरे में खुद को अकेला पाकर पत्नी की साड़ी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार सुबह जब पत्नी नीचे आई तो कमरे का दरवाजा बंद था। काफी खटखटाने पर जब कोई जवाब नहीं मिला तो उसने मोहल्ले की लोगों की मदद ली। दरवाजा तोड़कर कमरे में पहुंची तो पति का शव फंदे से लटकता पाया। परिजनों में चीख-पुकार मच गई। उधर, नौबस्ता में सिमरा गांव निवासी रमेश यादव का 28 वर्षीय बेटा शैलेंद्र कार चालक था। उसकी डेढ़ साल पहले सचेंडी के सुजानपुर निवासी नीतू से शादी हुई थी। रमेश ने बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही बहू मायके चली गई थी, जिसके बाद वापस नहीं आई थी।
ज्यादा दबाव डालने पर चार-पांच दिन के लिए आती और चली जाती। अभी बीती 18 अप्रैल को देवर शिवा की शादी में आई थी और सात दिन में ही वापस चली गई। उसके बाद उसने बेटे से फोन पर बात करना भी बंद कर दिया था। इसी तनाव में बेटे ने मंगलवार देर रात कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। भाई शीनू ने बताया कि शैलेंद्र तीन भाइयों में बड़ा था। मां साधना का बेटे का शव देखकर बेसुध हो गई। इसी प्रकार बिठूर के रमेलनगर बाकरगंज निवासी 32 वर्षीय मुकेश कुमार निषाद ने घरेलू कलह और नशे की लत के चलते फांसी लगाकर जान दे दी। परिवार में पत्नी सिया दुलारी व दो बच्चे कृष्णा व प्रांशु हैं। पत्नी ने बताया कि मुकेश शराब के लती थे और आएदिन नशे में विवाद करते थे। मंगलवार सुबह मुकेश नशे में घर आए थे। जिसके विरोध पर विवाद हुआ और मुकेश ने बिजली के तार से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।