देहरादून। कांग्रेस के सांसद रहे राज बब्बर की सांसद निधि देहरादून में विकास निधि के आवंटित धनराशि 37.50 लाख रूपये का गबन करके फरार हुए प्रदीप कुमार गोयल को कई सालों बाद देहरादून की पुलिस उनके लखनऊ स्थित आवास से पिछले सप्ताह उन्हें गिरफ्तार कर देहरादून ले गई थी, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया था।
ठगी, जालसाजी, धोखाधड़ी, सरकारी धन के गबन के आरोपी प्रदीप कुमार गोयल की उत्तराखंड की अदालत में आज जमानत हेतु प्रार्थना पत्र दिया गया था, परन्तु अदालत ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। उन्हें अभी कुछ दिनों तक और जेल की हवा खानी होगी। क्योंकि एक मामले में उन्हें और रिमांड पर लिया गया। उसमें भी पहले जैसा ही आरोप लगा है।
जालसाजी के महारथी प्रदीप कुमार गोयल के विरुद्ध थाना चकराता, देहरादून, उत्तराखण्ड में अपराध संख्या- FIR No. 02/2025 भारतीय न्याय संहिता की धारा- 318 (4), 316 (5) व 316 (2) के अंतर्गत प्रदीप कुमार गोयल को अभियुक्त बनाया गया है। आरोपी प्रदीप कुमार गोयल वर्तमान अभियोग में भी गंभीर आर्थिक अपराध एवं शासकीय/परियोजना धनराशि से संबंधित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहा है।
सरकरी धन को ठिकाने लगाने वाले प्रदीप कुमार गोयल के विरुद्ध विधायक निधि से संबंधित कार्यों में कई करोड़ रुपये के गबन एवं वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में थाना बारादरी, जनपद बरेली में मुकदमा अपराध संख्या- 0666 /2018, अंतर्गत भारतीय दंड संहिता की धारा- 409, 420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें संबंधित न्यायालय द्वारा अभियुक्त की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की जा चुकी हैं। परन्तु जालसाज आरोपी अभी भी उक्त मुकदमें से स्वयं को बचाता चला आ रहा है।
तीसरा मुकदमा अपराध संख्या-FIR No. 554/2025, भारतीय न्याय संहिता-2023 के अंतर्गत धारा– 338/336 (3), 340(2), 318(4) का थाना सुशांत गोल्फ सिटी, जनपद लखनऊ में प्रदीप कुमार गोयल, जितेन्द्र कुमार अग्रवाल एवं अन्य सह-अभियुक्तों के विरुद्ध भारतीय को-आपरटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड (राजकीय निर्माण एजेंसी) के अभिलेखों में कूटरचना, धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग तथा बैंक खातों के अनाधिकृत संचालन से संबंधित अभियोग पंजीकृत है।
उक्त अभियोग संस्था के वित्तीय एवं बैंकिंग अभिलेखों हेराफेरी से संबंधित है। उसकी अग्रिम जमानत याचिका क्रिमिनल मिस. अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र संख्या- 9098/2025 सक्षम न्यायालय द्वारा अस्वीकृत की जा चुकी है। अभियुक्त प्रदीप कुमार गोयल द्वारा जनपद ललितपुर, उत्तर प्रदश में हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटरों के निर्माण में घोटाले के संदर्भ में रिकवरी कार्यवाही वर्तमान में प्रचलित है।
यही नहीं अभियुक्त प्रदीप कुमार गोयल द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में राजकीय निर्माण एजेंसी भारतीय कोआपरटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड के नाम से फर्जी खाता खोलने के लिए केनरा बैंक सिवल लाइंस, रुद्रपुर, उधमसिंह नगर, उत्तराखंड में कूटरचित लेटर हेड पर संस्था का फर्जी पदाधिकारी बनकर प्रार्थना पत्र दिया, जिसके विषय में बैंक द्वारा संस्था को सूचित करने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। उक्त संदर्भ में आपराधिक कार्यवाही प्रचलन में हैं।
उल्लेखनीय है कि उक्त प्रदीप कुमार गोयल जालसाजी, ठगी, धोखाधड़ी, सरकारी धन के गबन और अभिलेखों में कूटरचना करने में उसे महारथ हासिल है, जिसके विरुद्ध उत्तराखंड समेत कई राज्यों में गबन व धोखाधड़ी के मामले चल रहे हैं। उपर्युक्त तथ्यों एवं परिस्थितियों के दृष्टिगत माननीय न्यायालय ने आज अभियुक्त प्रदीप कुमार गोयल का जमानत प्रार्थना-पत्र निरस्त कर दिया।
माननीय न्यायालय को इस बात का एहसास हुआ कि वर्तमान मामले की प्रकृति, अभियुक्त का पूर्ववृत्त, समान प्रकृति के अन्य मामलों में उसकी संलिप्तता के आरोप, विवेचना में उसके आचरण तथा न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने अथवा न्याय से अनुपलब्ध होने की संभावनाओं को देखते हुए उसे जमानत का लाभ दिया जाना न्यायहित में उचित न होगा। अदालत के नजरिये से ऐसा प्रतीत होता है कि अब ठगी और जालसाजी व धोखाधड़ी करके मालामाल होने प्रदीप कुमार गोयल के बुरे दिन शुरू हो चुके हैं।