कोचिंग सेंटरों के बाद अब बिना मानक चल रहे हॉस्पिटलों पर प्रशासन की नजर, बनेगी सूची- होगी कार्रवाई
कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद भी प्रतापगढ़ जिला प्रशासन में नहीं है, कोई हलचल…
राजधानी लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड के बाद प्रदेश सरकार और प्रशासन ने सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अब बिना मानक, बिना अनुमति और नियमों के विपरीत चल रहे कोचिंग सेंटर या अस्पतालों के संचालन पर रोक लगाई जाए।
इसी क्रम में प्रदेश के सभी जनपदों में भी प्रशासन ने पहले चरण में बिना मानकों के संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई करते हुए दो दर्जन से अधिक कोचिंग संस्थानों की जांच की थी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कई सेंटरों को सील किया गया था। अब प्रशासन की नजर शहर में संचालित हो रहे ऐसे अस्पतालों पर है, जो कथित तौर पर मानकों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे हैं।
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सूत्रों के अनुसार प्रशासन द्वारा ऐसे अस्पतालों की सूची तैयार की जा रही है जो बिना पंजीकरण, आवासीय भवनों में, बेसमेंट में या निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि शहर के कुछ क्षेत्रों में बेसमेंट, जो पार्किंग और अन्य उपयोग के लिए निर्धारित होते हैं, वहां भी चिकित्सा गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
ऐसे स्थानों पर मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही से सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं कई आवासीय परिसरों में अस्पताल संचालन को लेकर स्थानीय लोग भी अब खुलकर सामने आने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि अस्पतालों में आने वाली भीड़, वाहनों की पार्किंग और लगातार आवाजाही के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कई जगह अस्पताल संचालकों द्वारा पार्किंग की व्यवस्था अपने परिसर में करने के बजाय सड़कों पर वाहन खड़े कराए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अस्पतालों की जांच कराई जाए और यदि कोई अस्पताल नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अब देखना होगा कि प्रशासन की जांच में कितने अस्पताल मानकों पर खरे उतरते हैं और कितनों पर कार्रवाई की गाज गिरती है। लखनऊ की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच प्रदेश के एनी जनपदों में भी प्रशासन की यह कार्रवाई आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है।