पुलिस की गिरफ्त में आरोपी और विवेक सिंह का फाइल फोटो उत्तरप्रदेशप्रयागराज फौजी के कत्ल का बड़ा खुलासा: गाड़ी नंबर से की गई आरोपियों की पहचान, पूछताछ में बोले- नहीं दे रहा था पास By Khulasa India News Desk Last updated Dec 2, 2025 285 उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में फौजी की हत्या का मामला सामने आया है। फौजी दोस्त को कोहड़ार बाजार छोड़कर एक साथी के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में स्कॉर्पियो सवार आरोपियों से विवाद हो गया। आरोपियों ने फौजी के सिर में रॉड मारी। घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। प्रयागराज के करछना में चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के बाद दोस्त को छोड़कर एक अन्य साथी के साथ घर लौट रहे फौजी विवेक सिंह (30) की सिर पर रॉड से हमला कर हत्या कर दी गई। धरवारा गांव के पास वाहन ओवरटेक करने को लेकर स्कॉर्पियो सवारों ने विवाद के बाद हमला कर उन्हें अधमरा कर दिया। लखनऊ के आर्मी अस्पताल में सोमवार भोर में उनकी मौत हो गई। करछना थाना पुलिस ने पिता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज करते हुए घटना के चार घंटे बाद राजकमल पांडेय (एएसआई), राजीव कुमार ठाकुर (फौजी), स्कॉर्पियो मालिक दिनेश कुमार यादव, राजू अग्रहरि और भाई लाल यादव को गिरफ्तार कर लिया। करछना थाना क्षेत्र के धरवारा गांव निवासी विवेक पुत्र उमाकांत सिंह सेना में जवान थे और उनकी तैनाती दिल्ली में थी। शनिवार को वह चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी पर घर आए थे। शादी की रात वह अपने दोस्त विनय जैन को गांव के ही करण सिंह के साथ कार से कोहड़ार बाजार छोड़ने गए। लौटते वक्त धरवारा मोड़ के पास बरात से लौट रहे स्कॉर्पियो सवार युवकों से ओवरटेक करने को लेकर उनकी कहासुनी हो गई। तभी पीछे से उनके सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया गया। इससे विवेक गिरकर बेहोश हो गए। परिजन उन्हें पहले करछना सीएचसी और वहां से रेफर होने पर लखनऊ के आर्मी अस्पताल ले गए जहां सोमवार भोर में करीब तीन बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी पर परिवार में कोहराम मच गया। गाड़ी नंबर से की गई आरोपियों की पहचान, पूछताछ में बोले- नहीं दे रहा था पास वाहन ओवरटेक करने को लेकर हुए विवाद के बाद स्कॉर्पियो सवार एएसआई (असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर) समेत पांच लोगों द्वारा रॉड से किए गए हमले में फौजी की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग करने लगे। फौजी विवेक की मौत की जानकारी पर डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव व एसीपी करछना अरुण त्रिपाठी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से बात कर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव के निर्देश पर गठित एसओजी और करछना पुलिस की टीम ने फौजी की मौत के चार घंटे के भीतर ही गाड़ी नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह सभी शादी समारोह में शामिल होकर स्कॉर्पियो से घर लौट रहे थे। कहा कि धरवारा गांव के पास उनकी कार के आगे एक टाटा पंच कार गलत तरीके से चलाई जा रही थी। हॉर्न मारने के बावजूद ओवरटेक के लिए पास नहीं दिया गया। इसी विवाद को लेकर कार को आगे रुकवा लिया और मामला इतना बढ़ा कि हाथापाई शुरू हो गई। इसी बीच धक्का देने पर कार चालक सड़क पर गिरकर कर जख्मी हुआ तो सभी मौके से फरार हो गए। हालांकि फौजी के पिता ने रॉड से वार कर हत्या करने का आरोप लगाया है। मिर्जापुर पुलिस लाइन स्थित रेडियो शाखा में तैनात है एएसआई पुलिस जांच में सामने आया कि नैनी चाका निवासी आरोपी राजकमल पांडेय मिर्जापुर पुलिस लाइन स्थित रेडियो शाखा में एएसआई के पद पर तैनात है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद प्रयागराज पुलिस ने मिर्जापुर पुलिस से संपर्क साधकर घटना की जानकारी दी है। वहीं राजीव कुमार ठाकुर फौजी है और उसकी तैनाती इंदौर में है जबकि सुनील कुमार ठाकुर अधिवक्ता और राजू अग्रहरि व भाई लाल यादव निजी कार्य करते हैं। दो भाइयों में छोटे थे विवेक परिजनों का कहना है कि लखनऊ के आर्मी अस्पताल में बेटे विवेक का पोस्टमार्टम किया जाएगा। उसके बाद देर रात तक शव गांव पहुंचेगा। विवेक दो भाइयों में छोटे थे। परिवार में पत्नी प्रतिभा और तीन वर्षीय पुत्र वेदांत हैं जो रो-रोकर बेहाल हो गए हैं। पिता उमाकांत सिंह सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हैं। अपराध 285 Share