प्रतापगढ़ में ढाई साल के बच्चे की हत्या, तालाब में मिला शव
परियावां। घर पर आयोजित कार्यक्रम में ढाई वर्ष के बच्चे को ले जाकर उसकी हत्या कर दी गई। शव को तालाब में फेंक दिया गया। उसके सिर पर चोट व खून देख स्वजन की चीख निकल गई। उनकी तहरीर पर गांव की 10 वर्षीय बच्ची पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। इधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने की वजह से मौत होने की बात सामने आई है। नवाबगंज के राजा का पुरवा (कड़रौ) गांव निवासी मनोज कुमार पटेल मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। बुधवार शाम उसके चाचा वंशीलाल पटेल की वार्षिकी पर भोज का आयोजन था।
रात करीब आठ बजे मनोज कुमार का ढाई वर्षीय बेटा युवराज पटेल वहां से ओझल हो गया। कुछ देर बाद मां सुनीता देवी को बच्चा नहीं दिखा तो उसने पति को बताया। इस पर खलबली मच गई। स्वजन व रिश्तेदार उसकी खोजबीन करने लगे। रात करीब 10 बजे घर से करीब 50 मीटर दूर तालाब में बच्चा गिरा मिला। उसे बाहर निकाल कर लोग सीएचसी कालाकांकर ले गए। चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। बच्चे के सिर पर चोट का गहरा निशान व कपड़े व चेहरे पर कुछ खून दिखा। वह तीन बहनों में इकलौता भाई था। उसकी मौत से घर में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रात करीब साढ़े 11 बजे पुलिस को सूचना दी गई। नवाबगंज एसओ संतोष सिंह, उनके बाद सीओ अमर नाथ गुप्ता व देर रात एएसपी पश्चिमी संजय राय पहुंचे।
स्वजन से पूरा घटनाक्रम समझा। बच्चे के पिता ने पुलिस को बताया कि बच्चे को बगल की 10 वर्ष की एक लड़की कहीं ले जा रही थी। युवराज की बहन ने देखा तो टोका। इस पर वह उसे खाना खिलाने की बात कहकर ले गई। उसके बाद बच्चे की लाश मिली। इस बयान व तहरीर के आधार पर पुलिस ने उसी 10 वर्ष की बच्ची के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया। उसके परिवार के तीन-चार लोगों को पूछताछ के लिए ले गई है। अब तक कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है कि बच्चे को चोट कैसे लगी।