”गले और आंत में तेजाब के गहरे जख्म”, 26 दिनों से स्ट्रेचर पर लड़ रही जिंदगी की जंग दुष्कर्म पीड़िता, उधर लेकर बेटी का इलाज करा रहा पिता
यूपी के हमीरपुर की सामूहिक पीड़िता दुष्कर्म पीड़िता 26 दिन से स्ट्रेचर पर जिंदगी की जंग लड़ रही है। पिता साढ़े तीन लाख उधार लेकर दुष्कर्म पीड़िता बेटी का इलाज करा रहा है। सरकार की ओर अब तक पीड़िता को कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के थाना जलालपुर इलाके की सामूहिक पीड़िता दुष्कर्म पीड़िता 28 अक्तूबर की रात से लेकर अब तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।
गले और आंत में तेजाब के गहरे जख्म, लगातार खून की उल्टी और तेज बुखार की हालत में वह अब लखनऊ में स्ट्रेचर पर पड़ी है। पिता पिछले 26 दिन से हमीरपुर, झांसी, कानपुर से लेकर लखनऊ तक के छह अस्पतालों की सात बार चौखट नाप चुके हैं। इधर, बेटी की हालत नाजुक बनी हुई है, उधर पिता परिजनों व रिश्तेदारों से उधार लेकर करीब साढ़े तीन लाख रुपये उसके इलाज पर खर्च कर चुके हैं।
पीड़िता को अब तक न तो सरकारी योजना से कोई आर्थिक मदद मिली और न ही किसी जनप्रतिनिधि या अफसर ने ही हाथ बढ़ाया है। परिजनों के मुताबिक 28 अक्तूबर की रात 16 वर्षीय किशोरी घर में सो रही थी। आरोप है कि गांव के एक नाबालिग समेत तीन युवक घर में घुसे, उसके साथ दुष्कर्म किया और तेजाब पिला दिया। परिजन पहले उसे सीएचसी सरीला ले गए, जहां से झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। झांसी में करीब 10 दिन इलाज चला।
फिर हालत बिगड़ने पर उसे पीजीआई रेफर कर किया गया। वहां से वह जिला अस्पताल आया और फिर हैलट अस्पताल भेजा गया, जहां पीड़िता करीब 15 दिन उपचार चला। इस बीच हैलेट में तीन बोतल खून चढ़ाया गया, लेकिन तबीयत में खास सुधार नहीं हुआ। रविवार दोपहर डॉक्टरों ने गले और आंत में तेजाब के असर व गैस्ट्रो सर्जरी की जरूरत बताते हुए पीड़िता को लखनऊ पीजीआई रेफर कर दिया।