बेटी की शादी के लिए रखे थे 12 लाख, बैंक पहुंचते ही उड़े रुपए, बैंक मित्र ने किया घपला, लोग बोले- एफडी की फर्जी रसीद दी
लखनऊ में बैंक मित्र लोगों का शत्रु बन गया। ग्राहक सीधे बैंक जाने के बजाय उसी के पास पैसा जमा कर रहे थे, उससे फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) भी करा ली। किसी ने बेटी की शादी के लिए बचाकर पैसे जमा किए थे तो कोई बच्चों की स्कूल की फीस जमा-पूंजी से ही भर रहा था। पिछले कुछ दिनों से लोगों के खाते से पैसे नहीं निकल रहे हैं।
एक-एक कर जब कई लोगों को यह समस्या हुई तो सब एकजुट हो गए। 12 जनवरी को लोगों ने बैंक शाखा में हंगामा कर दिया। जिस बैंक मित्र पर आरोप लगा रहे थे, उसके साथ छीना-झपटी भी की। खाते में रुपए नहीं थे तो बैंक के अंदर शिकायत भी नहीं सुनी गई। पारा थाने में शिकायत दर्ज कराई तो बताया गया कि 28 जनवरी को काम हो जाएगा।
दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने पीड़ितों से बात की तो एक ने बताया कि बेटी की शादी के लिए 12 लाख रुपए जमा किए थे। अब खाते में कुछ नहीं है। किसी ने बताया कि कुछ साल पहले 7.5 लाख रुपए फिक्स किए थे। अब मेरे खाते में पैसे नहीं हैं। कुछ लोगों ने अपनी जमा पर्ची की रसीद भी दिखाई…
बेटी की शादी के लिए रखे थे 12 लाख, बैंक पहुंचते ही उड़ गए रुपए
पीड़ित शालिग्राम ने बताया कि उनकी बेटी की शादी तय है। इसी वजह से उन्होंने बैंक में 12 लाख रुपए जमा कर रखे थे। शादी की तैयारी के लिए पैसा निकालने बैंक पहुंचे तो पता चला कि खाते में एक रुपया भी नहीं है। शालीग्राम का कहना है कि जब बैंककर्मियों से सवाल किया तो उन्हें टालमटोल जवाब दिए गए। अब समझ नहीं आ रहा कि अगर पैसा वापस नहीं मिला तो कहां जाएं।
7.5 लाख जमा थे, खाते में निकले शून्य
ओमकार यादव ने बताया कि उनके खाते में 7.5 लाख रुपए जमा थे। 12 जनवरी को उनके पिता बैंक पहुंचे तो खाते में पैसा नहीं मिला। शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर थाने जाना पड़ा, जहां सिर्फ आश्वासन ही मिला
पत्नी-बेटी के नाम फर्जी एफडी, खाते से 13 लाख की
कुल्हड़ कट्टा निवासी अवधेश ने बताया कि उन्होंने बेटी की शादी के लिए चार-चार लाख और तीन लाख की एफडी कराई थी। इसके अलावा खाते में 70 हजार रुपए भी जमा थे, लेकिन सब गायब कर दिए गए। इतना ही नहीं, उनकी पत्नी सरोजनी और बेटी जानकी के नाम से 10-10 लाख की फर्जी एफडी तक बना दी गई। खाते से कुल 13 लाख रुपए निकाल लिए गए। शिकायत के बाद भी किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई।
बच्चे की फीस के लिए जमा किए थे पैसे
पीड़ित नूरजहां ने बताया कि उसने अपने बच्चों की फीस जमा करने के लिए बैंक में पैसे जमा करवाए थे। जब बैंक में पैसा निकालने आए तो पता चला खाते में सिर्फ 400 है। ढाई लाख रुपए गायब है। इसकी शिकायत मैनेजर से करी तो मैनेजर ने कहा कि जिससे पैसा जमा करवाया है उससे बात करो। जिस बैंक मित्र से पैसा जमा करवाया था उसको पकड़ने के लिए रुके रहे।
8 या 10 नहीं, 50 से ज्यादा लोगों के आरोप
मामला शकुंतला विश्वविद्यालय में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा ब्रांच का है। यहां के बैंक मित्र पर लोगों ने धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। आरोपों के अनुसार, 8 या 10 नहीं, 50 से ज्यादा लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई है। 12 जनवरी को ब्रांच में पहुंचकर लोगों ने हंगामा भी कर दिया था।
मौके पर ही बैंक मित्र भी मिल गया था। महिलाओं और कुछ बुजुर्गों ने उसका कॉलर पकड़ लिया था। मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने लोगों को पकड़ा। उसके बाद बैंक मित्र मैनेजर के केबिन में जाकर बैठ गया था। लोग जब कुछ नहीं कर सके तो ब्रांच के बाहर नारेबाजी की थी।
तीन महीने पहले बैंक में लगी थी आग
शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में करीब तीन महीने पहले आग लगी थी। आगे से कई अहम दस्तावेज जल गए थे। अफसरों ने इस बात को छिपा लिया था। फिर इसके बाद ब्रांच मैनेजर ने आगजनी का मुकदमा भी दर्ज कराया था। ग्राहकों को आशंका है कि इस आग का इस्तेमाल बैंक रिकॉर्ड और सबूत मिटाने के लिए किया गया हो सकता है।