11000 वोल्ट करंट की चपेट में आया लाइनमैन जिंदा जला,10 मिनट तक जलता रहा
सोनभद्र में ट्रांसफार्मर बदलते समय लाइनमैन की जिंदा जलकर मौत हो गई। उसे पहले 11 हजार वोल्ट से जोरदार झटका लगा। इसके बाद शॉर्ट-सर्किट से आग लग गई। इसी की चपेट में आकर बिजलीकर्मी जिंदा जल गया। हेल्पर ने बचाने का प्रयास किया लेकिन तब तक लाइनमैन का शरीर बुरी तरह झुलस चुका था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लाइनमैन खंभे पर चढ़कर नया ट्रांसफार्मर लगा रहा था। आरोप है कि काम शुरू करने से पहले उसने विभाग से शटडाउन करवाया था। लेकिन काम के दौरान 11 हजार वोल्ट की सप्लाई चालू कर दी गई। तेज करंट लगने से वह झुलस गए। घटना घोरावल थाना के लोहोटा गांव की है।
अब पूरा घटनाक्रम पढ़िए…
बिसहार गांव के रहने वाले संतोष कुमार (40) बिजली विभाग में लाइनमैन के रूप में संविदा पर तैनात थे। संतोष, अपनी पत्नी बिंदु (35) और दो बेटों आदर्श (15) और शिवम (18) के साथ रहते थे। वह गुरुवार को लोहोटा गांव में नया ट्रांसफार्मर लगाने गए थे। शाम करीब 7 बजे वह गांव में पहुंचे।
सहकर्मियों ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा के सभी मानक अपनाए थे। पोल पर चढ़कर काम शुरू करने लगे। इसके पहले उन्होंने बिजली घर में सूचना देकर शटडाउन मांगा ताकि काम के दौरान करंट न आए।
जब संतोष खंभे पर चढ़कर ट्रांसफार्मर लगा रहे थे, इसी दौरान बिना किसी सूचना के 11 हजार की हाई-वोल्टेज सप्लाई अचानक चालू कर दी गई। संतोष को बिजली का जोरदार झटका लगा। इसके बाद वह खंभे से ही चिपक गए और शॉर्ट सर्किट के बाद आग लग गई। संतोष खंभे में ही चिपक गए और पूरे शरीर ने आग पकड़ ली।
हादसा होते ही हेल्पर मटरूलाल ने बिजली विभाग को फोन कर तत्काल शटडाउन करने को कहा। शटडाउन होते ही खंभे पर चढ़कर आग बुझाई। लेकिन तबतक वह बुरी तरह से झुल चुके थे। स्थानीय लोगों की सहायता से जिला अस्पताल ले जाया गया।
उनकी हालत को देखते हुए बनारस ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। उधर, इस मामले में संतोष के साथ मौजूद हेल्पर ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि जब लाइनमैन ऊपर काम कर रहा था और विभाग को इसकी जानकारी थी, तो बिजली की आपूर्ति किसके आदेश पर और क्यों बहाल की गई।