प्रतापगढ़ के पट्टी में पुलिस सुरक्षा के बीच उप निबंधक कार्यालय में अधिवक्ताओं की मौजूदगी में हुई रजिस्ट्री
प्रतापगढ़। तहसील मुख्यालय पट्टी की वह चर्चित जमीन, जिसको लेकर माह जुलाई में उप निबंधक कार्यालय में घुसकर बाबा बेलखरनाथ धाम के ब्लाक प्रमुख सुशील सिंह अपने आधा दर्जन पोषित गुण्डों के साथ दिनदहाड़े गोलीबारी कर अफरातफरी मचाते हुए जमीन का बैनामा कराने आये दो लोगों को निशाना बनाते हुए गोली मारकर घायल कर दिए थे और विक्रेता को जबरन अपनी गाड़ी में अगवा कर भाग निकले थे।
आतंक पैदाकर बैनामा कराने की इच्छा न हो सकी पूरी, बैनामा कराने से पहले सभी गुंडे पहुँच गए जेल
विवाद की जड़ जर, जोरू और जमीन को ही माना गया है। पट्टी में जमीन को लेकर दो पक्षों में जमीन लिखाने को लेकर विवाद शुरू हुआ जो खूनी संघर्ष में बदल गया। गोली मारने वाले ब्लाक प्रमुख और उनके पोषित गुण्डों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब विक्रेता की इच्छानुसार आज उस जमीन का बैनामा पुलिस की कड़ी सुरक्षा में संपन्न हुआ। जमीन की रजिस्ट्री पट्टी उपनिबंधक कार्यालय में अधिवक्ताओं की मौजूदगी में पूरी की गई। इस दौरान पट्टी कोतवाली पुलिस ने विशेष अलर्ट जारी रखते हुए कार्यालय परिसर को सुरक्षा घेरे में ले रखा था।
उप निबंधक कार्यालय में अधिवक्ताओं और राष्ट्रीय परशुराम सेना की मौजूदगी में हुई रजिस्ट्री
बैनामे के दौरान राष्ट्रीय परशुराम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट प्रदीप शुक्ल, हाईकोर्ट खंडपीठ लखनऊ के अधिवक्ता देवमणि मिश्रा, एडवोकेट रामानुज मिश्रा, एडवोकेट आशीष तिवारी, एडवोकेट विपिन मिश्र और एडवोकेट अभिषेक सिंह सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे। यह वही जमीन विवाद है, जिसमें दिनदहाड़े गोलीबारी में दो लोग घायल हुए थे। इस प्रकरण में ब्लॉक प्रमुख सुशील सिंह, बिपिन पांडेय, शिवम पांडेय और संतोष सिंह को गंभीर धाराओं में जेल भेजा जा चुका है। पट्टी में पहली बार ब्लाक प्रमुख सुशील सिंह पर पुलिसिया कार्यवाही की है।
“कानून से बड़ा कोई नहीं”- पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता देवमणि मिश्रा
रजिस्ट्री के दौरान मीडिया से बात करते हुए पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता देवमणि मिश्रा ने कहा—“कानून से बड़ा कोई नहीं। पुलिस और अधिवक्ताओं की मौजूदगी में रजिस्ट्री शांतिपूर्वक पूरी कराई गई। ”इस रजिस्ट्री के बाद इलाके में चर्चित ‘खूनी बैनामा’ एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। जमीन मालिक जगन्नाथ विश्वकर्मा तहसील मुख्यालय पट्टी के रजिस्ट्री करने सब रजिस्ट्रार के दफ्तर पहुंचकर अपनी जमीन की रजिस्ट्री बृजेश तिवारी के नाम की। कार्यालय के भीतर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में कानूनी और राजनीतिक चर्चा फिर से गर्म हो गई है।