रिटायर्ड दरोगा ने ही की थी बेटी की हत्या, महीनों तक पुलिस को गुमराह करता रहा परिवार
आगरा में लापता युवती अंशु यादव मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस बेटी को पुलिस अक्टूबर से तलाश रही थी, उसकी उसी महीने हत्या कर दी गई थी। हैरानी की बात यह है कि इस हत्या का आरोप किसी और पर नहीं बल्कि अंशु के पिता, 65 वर्षीय रिटायर्ड दारोगा रणवीर सिंह यादव पर लगा है। इस जघन्य वारदात में मां, भाई और अन्य रिश्तेदारों की भी संलिप्तता सामने आई है। बताया जा रहा है कि अंशु यादव अक्टूबर महीने से ही लापता थी। नवंबर में इसकी सूचना पुलिस को मिली, जिसके बाद आगरा पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। पूछताछ में पिता रणवीर सिंह यादव ने पुलिस को गुमराह करते हुए बताया कि बेटी घर से कहीं चली गई है। पुलिस को शक हुआ, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग रहा था।
इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि एक युवक ने हाईकोर्ट में अंशु यादव की गुमशुदगी को लेकर याचिका दाखिल की है। जांच में सामने आया कि याचिकाकर्ता युवक अंशु का रिश्ते में भतीजा है और दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। इसके बाद पुलिस की जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई। पुलिस ने जब पिता रणवीर सिंह यादव से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि बेटी का प्रेम संबंध परिवार को मंजूर नहीं था। अंशु अपने प्रेमी से शादी करना चाहती थी और रिश्ता खत्म करने को तैयार नहीं थी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और आरोप है कि पिता ने बेटी का गला दबाकर तड़पा-तड़पा कर हत्या कर दी।
हत्या के बाद रणवीर सिंह ने अपनी पत्नी और बेटे के साथ मिलकर शव को कार में रखा और इटावा ले गया। वहां अंशु के मामा के घर पहुंचकर मामा और ममेरे भाई की मदद से शव को यमुना नदी में फेंक दिया गया। हालांकि शव नदी में बहने के बजाय झाड़ियों में फंस गया, जिसे बाद में पुलिस ने आरोपी पिता की निशानदेही पर बरामद कर लिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच के दौरान पुलिस को अंशु का एक वीडियो भी मिला है, जिसमें उसने अपने माता-पिता और परिवार से जान को खतरा बताया था। यह वीडियो पूरे मामले में अहम सबूत बनकर सामने आया है।
डीसीपी आगरा वेस्ट अतुल शर्मा ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी पिता रणवीर सिंह यादव, मृतका की मां और भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं मृतका के मामा और ममेरे भाई की तलाश जारी है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर ऑनर और पारिवारिक दबाव के नाम पर की जाने वाली हत्याओं की भयावह सच्चाई को सामने ला दिया है।