राजनीति नई दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय पर यूपी प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान, प्रदेशध्यक्ष स्वतंत्रदेव और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद की उपस्थिति में आरपीएन सिंह ने ली भाजपा की सदस्यता… By Ramesh Tiwari Rajdar Last updated Jan 26, 2022 277 एक-एक करके भाजपा ने राहुल गाँधी के तीसरे साथी आरपीएन सिंह को भगवा चोला पहनने के लिए कर दिया मजबूर, आज कांग्रेस छोड़ भाजपा में हो गए शामिल, स्वामी प्रसाद मौर्य के सामने होंगे आरपीएन सिंह उम्मीदवार… नई दिल्ली। यूपी चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। कल ही 24 जनवरी, 2022 को कांग्रेस ने उन्हें अपनी पार्टी का स्टार प्रचारक बनाये गये थे। डॉ मनमोहन सिंह की सरकार में केन्द्रीय मंत्री रहे आरपीएन सिंह ने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया। आज वह भाजपा में शामिल हो गये। संभावना जताई जा रही है कि भाजपा उन्हें कुशीनगर से स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ अपना उम्मीदवार बनायेगी। कुशीनगर व आसपास के क्षेत्रों में आरपीएन सिंह और उनके परिवार का बड़ा जनाधार है। राजधानी दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर यूपी के प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान ने आरपीएन सिंह को भाजपा में शामिल कराया। अब कुशीनगर व आसपास के क्षेत्रों में भाजपा अत्यधिक मजबूत हुई है और विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका लाभ भी मिलेगा। भाजपा ने वह कहावत चरितार्थ किया कि न सुनारे का सौ चोट पर लोहारे का एक चोट… इस मौके पर भाजपा प्रदेशध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। माना जा रहा है कि आरपीएन सिंह को भाजपा में लाने में मुख्य भूमिका ज्योतिरादित्य सिंधिया की रही है। कभी कांग्रेस के युवराज राहुल गाँधी के चार मित्रों की जोड़ी हुआ करती थी, जिसमें मध्य प्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजस्थान से सचिन पायलट और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जितिन प्रसाद और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आरपीएन सिंह की जोड़ी बहुत चर्चित हुआ करती थी, जिसे भाजपा ने एक-एक करके नष्ट कर दिया। बीच में राजस्थान के सचिन पायलेट को भी भाजपा तोड़ लेने के इरादे से जाल बिछाया था, परन्तु कामयाबी नहीं मिली। अब राहुल गाँधी की अपनी यार मंडली भी खत्म हो चली। ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद के बाद आरपीएन सिंह का भाजपा में जाना कांग्रेस के लिए बहुत बड़ा नुकसान माना जा रहा है। नई दिल्ली 277 Share