SIR ने ली एक और जान: कुंए में उतराता मिला शिक्षामित्र का शव, ‘काम के दबाव से थे पापा, बेटियों का बड़ा दावा
यूपी के महोबा में एसआईआर के काम में लगे शिक्षामित्र का शव कुएं में उतराता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टामार्टम के लिए भेजा। बेटियों ने एसआईआर के काम का दबाव होने का आरोप लगाया है। महोबा के थाना श्रीनगर के पवा गांव में चल रहे एसआईआर कार्य में बीएलओ की सहायता के लिए लगाए गए शिक्षामित्र का शव बुधवार की दोपहर गांव के बाहर कुएं में उतराता मिला।
वह दो दिन से घर से गायब थे। उनकी बेटियों का आरोप है कि एसआईआर कार्य के दबाव से पिता परेशान रहते थे, इसी के चलते उन्होंने आत्महत्या की। सूचना मिलते ही एसडीएम और थाना पुलिस ने घटनास्थल पहुंच जांच की। ब्लॉक कबरई की ग्राम पंचायत पवा निवासी शंकरलाल राजपूत (50) गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र थे। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण सर्वे में उन्हें बीएलओ बृजेंद्र राजपूत की सहायता में लगाया गया था।
एक दिसंबर को वह घर से लापता हो गए। परिजनों ने गांव व रिश्तेदारियों में खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। परिजनों ने गुमशुदगी की सूचना पुलिस को नहीं दी। बुधवार की दोपहर जब ग्रामीण खेतों की ओर गए तो गांव के बाहर स्थित कुएं के पास चप्पल मिलने पर उन्हें आशंका हुई। कुएं में देखने पर शंकरलाल का शव उतराता मिला। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही एसडीएम शिवध्यान पांडेय, नायब तहसीलदार विकास गोयल और थाना श्रीनगर पुलिस मौके पर पहुंची।
शंकरलाल की बेटी नीलम व अंजलि ने बताया कि पिता मतदाता सूची का कार्य कई दिनों से कर रहे थे। देर रात तक इसी काम में व्यस्त रहने से परेशान थे। लगातार फोन आने से वह दबाव में आ गए और घर से लापता हो गए। दो दिन बाद कुएं में शव मिला। आरोप है कि एसआईआर काम के दबाव से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। थानाध्यक्ष जयचंद्र सिंह का कहना है कि घटना की जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण स्पष्ट हो सकेंगे।