बावरिया गैंग का सरगना मुठभेड़ में ढेर,पंजाब से तमिलनाडु तक फैला था नेटवर्क,पिस्टल बरामद
शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले के वेदखेड़ी-मंसूरा मार्ग पर सोमवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई।मुठभेड़ में बावरिया गिरोह का कुख्यात सरगना सवा लाख का इनामी मिथुन ढेर हो गया,जबकि उसका एक साथी राहुल पुलिस की जवाबी फायरिंग के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।मिथुन पर 20 से अधिक मुकदमे और कई राज्यों में लूट-हत्या के आरोप थे।
पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग,दो अधिकारी बाल-बाल बचे
मुठभेड़ के दौरान एसओजी के हेड कांस्टेबल हरविंदर गोली लगने से घायल हो गए।झिंझाना थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की जैकेट में गोली लगी,लेकिन वह सुरक्षित बच गए। घायल हरविंदर को ऊन सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया।
कार्बाइन और मेड-इन-इटली पिस्टल बरामद
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक कार्बाइन और मेड इन इटली पिस्टल बरामद की है।एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस को वारदात की तैयारी की सूचना मिली थी,जिसके बाद संयुक्त टीम ने घेराबंदी की और मुठभेड़ शुरू हुई।
20 से अधिक मुकदमे, कई जिलों का मोस्ट वांटेड
मिथुन पर अकेले शामली में 1 लाख और बागपत में 25 हजार रुपये का इनाम था। मिथुन कांवड़ यात्रा के दौरान बागपत में महिला से लूट की वारदात में भी शामिल था। मिथुन के खिलाफ हत्या, लूट और अन्य संगीन मामलों के 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पंजाब से तमिलनाडु तक फैला क्राइम नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ है कि मिथुन वारदातों के बाद पंजाब, साउथ दिल्ली,जयपुर सहित कई राज्यों में छिपता रहा। मिथुन शामली,बागपत,मुजफ्फरनगर,सहारनपुर जैसे जिलों में लगातार घटनाओं को अंजाम देता था। एसपी के अनुसार इसके गिरोह ने तमिलनाडु में भी कई लूट की वारदातें की थीं।
2017 के चर्चित हत्याकांड में भी नाम
मिथुन साल 2017 में झिंझाना में हुए भारत कुमार हत्याकांड में भी शामिल रहा था। पुलिस का कहना है कि वह कई राज्यों में अपना दबदबा और खौफ फैलाने की कोशिश में था।