अवैध संबंधों में बाधा बना पति, पत्नी ने प्रेमी संग रची हत्या की साजिश. डेढ़ लाख की सुपारी देकर इलेक्ट्रीशियन की गोली मारकर हत्या, शव सड़क किनारे फेंका
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में 17 दिसंबर को सड़क किनारे मिले इलेक्ट्रीशियन के शव के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मृतक की पहचान आगरा निवासी राजकुमार (45) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि उसकी पत्नी ज्योति ने अपने दिव्यांग प्रेमी बाबी के साथ मिलकर अवैध संबंधों में बाधा बनने पर राजकुमार की हत्या की साजिश रची थी। पत्नी ने प्रेमी के दोस्तों को डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर पति की हत्या कराई। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद राजकुमार का शव लोधा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हैवतपुर और अकरावत गांव के बीच कच्चे रास्ते पर फेंक दिया गया। मामले में पत्नी, उसका प्रेमी और एक अन्य आरोपी को हिरासत में लिया गया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं।
किराये के मकान से शुरू हुई प्रेम कहानी
जानकारी के अनुसार, ज्योति का परिवार पहले धनीपुर में बाबी के घर किराये पर रहता था। इसी दौरान आगरा निवासी राजकुमार का वहां आना-जाना हुआ। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में शादी हो गई। दंपती के एक 11 वर्षीय बेटी और 2 वर्षीय बेटे हैं। शादी के बाद ज्योति की अपने मकान मालिक बाबी से नजदीकियां बढ़ती गईं। बाबी उसे आर्थिक मदद भी करता था। जब राजकुमार को इस रिश्ते की जानकारी हुई तो उसने विरोध किया, जिससे दंपती के बीच विवाद बढ़ता चला गया और यही विवाद हत्या की वजह बना।
शराब पिलाकर गोली और चाकू से की गई हत्या पुलिस के अनुसार, बाबी ने धनीपुर मंडी में आढ़त चलाने वाले अपने दोस्त संदीप सिंह और उसके दो रिश्तेदारों को हत्या की सुपारी दी। एक लाख रुपये एडवांस दिए गए। योजना के तहत 16 दिसंबर को ज्योति ने राजकुमार को पैसे दिलाने के बहाने आगरा से अलीगढ़ बुलाया। उसे कार में बैठाकर इधर-उधर घुमाया गया और शराब पिलाई गई। रात करीब 10 बजे राजकुमार को गोली मारकर और चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। पहचान छिपाने के लिए चेहरे को बिगाड़ने की भी कोशिश की गई।
पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि
17 दिसंबर की सुबह राजकुमार का शव कच्चे रास्ते पर मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गोली लगने और चेहरे पर चाकू से वार की पुष्टि हुई है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों से शव को वाहन से कुचलने की कोशिश का भी अंदेशा जताया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि राजकुमार 16 दिसंबर को आगरा से रोडवेज बस से अलीगढ़ पहुंचा था। आगरा कट पर उतरने के बाद वह एक कार में बैठा, जिसकी मूवमेंट सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई। सर्विलांस से पता चला कि दोपहर 1 बजे से रात 4 बजे के बीच ज्योति और बाबी के बीच सात बार फोन पर बातचीत हुई थी।
पुलिस की कार्रवाई जारी
एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का औपचारिक खुलासा करेगी।