प्रतापगढ़ पुलिस पर गंभीर आरोप: शिकायत के कई दिन बाद भी नहीं दर्ज हुई FIR, पीड़ित ने लगाया कार्रवाई में लापरवाही का आरोप
प्रतापगढ़। मान्धाता थाना क्षेत्र के लाखापुर गांव में भूमि विवाद से जुड़े गंभीर आरोपों के बावजूद पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित इंद्रजीत सिंह द्वारा थाना मान्धाता को दिए गए लिखित प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा ग्राम सभा की भूमि पर अवैध कब्जा करने के साथ-साथ उनकी निजी भूमि पर भी अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में गाली-गलौज, मारपीट का प्रयास और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं, लेकिन आरोप है कि अब तक थाना पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। पीड़ित के अनुसार, 12 जुलाई 2026 को राजस्व विभाग की टीम भूमि की पैमाइश करने मौके पर पहुंची थी। उसी दौरान आरोपित व्यक्ति वहां पहुंच गया और कथित रूप से गाली-गलौज करने लगा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब पीड़ित की पत्नी ने विरोध किया तो उनके साथ भी अभद्रता की गई और मारपीट का प्रयास किया गया, जिससे परिवार में भय का माहौल बन गया।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। शिकायत में कहा गया है कि पहले भी कई बार धमकी, दबंगई और अवैध कब्जे की कोशिश की जा चुकी है, लेकिन बार-बार शिकायत देने के बावजूद कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण आरोपित के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शिकायत में गाली-गलौज, मारपीट का प्रयास, जान से मारने की धमकी और भूमि पर अवैध कब्जे जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, तो आखिर थाना मान्धाता पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की? यदि शिकायत में वर्णित तथ्य सही हैं, तो समय पर कार्रवाई न होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि विवाद के मामलों में यदि शुरुआती स्तर पर निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो ऐसे विवाद कभी भी बड़ी हिंसक घटना का रूप ले सकते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई आवश्यक मानी जाती है। अब निगाहें पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन पर हैं कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाती है या नहीं। यदि शिकायत के बावजूद कार्रवाई लंबे समय तक लंबित रहती है, तो यह आम लोगों के न्याय व्यवस्था पर भरोसे को भी प्रभावित कर सकता है।