आर्य प्रतिनिधि सभा, लखनऊ द्वारा आर्य समाज चौक, प्रतापगढ़ की पुरानी कमेटी को भंग कर, बनाई नई कमेटी

आर्य समाज चौक, प्रतापगढ़ की पुरानी कमेटी नहीं दे रही हैं, नई कमेटी को चार्ज
प्रतापगढ़। देश भर में आर्य समाज की शाखाएँ फैली हुई हैं। पहले लोगों के पास जमीन जायदाद बहुत अधिक होती थी तो लोग समाज में नाम व सोहरत पाने के लिए अपनी सम्पत्ति आर्य समाज को दान कर देते थे। कई जिलों में तो आर्य नगर तक बसाया गया है। आधुनिक युग में आर्य समाज से जुड़े लोगों के मन में बदनीयती और लालच व मोह इस कदर समा गया है कि उन्हें अपने मान सम्मान व स्वाभिमान की कोई चिंता नहीं रह गई है। बस जो जहाँ हैं, वहीं मौका मिलते ही अपना ईमान बेंचकर धन कमाने में जुट गया है। इसीलिए सनातन समाज गर्त में जा रहा है।
ऐसा ही प्रकरण प्रतापगढ़ जनपद में देखने को मिल रहा है। कुछ वर्ष पूर्व शीतल प्रसाद आर्य कन्या विद्यालय की बिल्डिंग को ध्वस्त कर उस पर कब्जा करने का प्रयास किया और चौक घंटाघर के पास एवं मकन्द्रूगंज पोस्ट ऑफिस के पास भी आर्य समाज चौक, प्रतापगढ़ की जमीन व जर्जर बिल्डिंग है, परन्तु प्रतापगढ़ में आर्य समाज से जुड़े लोगों में आपसी तालमेल का भाव दिख रहा है। इसी अभाव की वजह से आर्य समाज चौक प्रतापगढ़ द्वारा संचालित शीतल प्रसाद आर्य कन्या विद्यालय की बिल्डिंग को ध्वस्त कर दिया गया और सारे समाज के लोग खुलकर सामने नहीं आये।
तत्कालीन प्रधान अभय खंडेलवाल व मंत्री जब खुलकर सामने नहीं आये आर्य प्रतिनिधि सभा, लखनऊ ने पुरानी कमेटी भंग करके प्रतापगढ़ में प्रशासक राम नेवाज पाल को बनाया गया। कुछ दिनॉन बाद प्रधान पद पर आनंद केसरवानी का चयन किया गया, परन्तु आर्य प्रतिनिधि सभा, लखनऊ की कमेटी में विवाद था, जिसमें उलटफेर हुआ तो आर्य समाज चौक, प्रतापगढ़ में भी उलटफेर हुआ और राम कृपाल को प्रधान और मंत्री सत्य प्रकाश उमर वैश्य और कोषाध्यक्ष के पद पर राजेश खंडेलवाल का चयन हुआ। आपसी तालमेल न बन पाने की वजह से मंत्री सत्य प्रकाश उमर वैश्य अपने पड़ से त्याग पत्र दे दिया।
प्रधान पद से हटने के बाद भी आनंद केसरवानी आर्य समाज की सम्पत्ति की लड़ाई अपने ब्यक्तिगत खर्च से लड़ते रहे। इधर बीच आर्य प्रतिनिधि सभा, लखनऊ की कमेटी में पुनः बदलाव हुआ और आर्य समाज चौक, प्रतापगढ़ की कमेटी में पुनः बदलाव करते हुए आनंद केसरवानी को प्रधान और मूल चन्द्र सोनी को मंत्री व कोषाध्यक्ष पद पर अश्विनी गुप्ता का चयन करते हुए आर्य प्रतिनिधि सभा, लखनऊ के मंत्री भुवन तिवारी ने पत्रांक- 459 दिनांक- 18/04/2026 को पत्र जारी करते हुए अपने पदाधिकारियों को अधिकार पत्र निर्गत किया, परन्तु सवा माह बीत जाने के बाद भी पुरानी कमेटी के प्रधान राम कृपाल जी नई कमेटी को चार्ज नहीं दिए।
यही नहीं आर्य प्रतिनिधि सभा, लखनऊ के वर्तमान कमेटी के मंत्री भुवन तिवारी के किसी आदेश को पुरानी कमेटी के द्वारा नियुक्त किये गये प्रधान राम कृपाल जी मानने को तैयार नहीं है। वर्तमान कमेटी के पदाधिकारी जब उन पर चार्ज देने का दबाव बनाना शुरू किये तो उनके द्वारा बताया गया कि उनके कोषाध्यक्ष राजेश खंडेलवाल अस्वस्थ हैं और उनका लखनऊ में इलाज चल रहा है। जब तक वो स्वस्थ होकर प्रतापगढ़ नहीं आ जाते तब तक चार्ज नहीं दिया जा सकता और न हिसाब ही दिया जा सकता है। ऐसा कहते ही यज्ञशाला में हवन के बाद पुरानी कमेटी के पदाधिकारियों और नई कमेटी के पदाधिकारियों में जुबानी जंग चालू हो गई।
प्रधान राम कृपाल और कोषाध्यक्ष राजेश खंडेलवाल आर्य समाज चौक, प्रतापगढ़ के कार्यकाल में किफ़ायत उल्ला रोड़, पंजाबी मार्किट जाने वाले मार्ग की तरफ तीन मंजिला काम्प्लेक्स बनाकर दुकानों के आवंटन में जमकर खेल किया गया और पदाधिकारियों द्वारा अपने लोगों को दुकानों का आवंटन किया गया। उसी आवंटन के धन से पहले काम्प्लेक्स का निर्माण किया गया और बाद में जो धन बचा उसमें बंदरबांट किया गया और अब हिसाब मांगने पर हिसाब न देना आर्य समाज चौक, प्रतापगढ़ के पदाधिकारियों के मंसूबों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। आर्य समाज जैसी संस्था में ऐसी लूट होगी किसी ने सोचा भी नहीं था।