अधिकारियों की मिलीभगत से प्रतापगढ़ विनियमित क्षेत्र में आवासीय और ब्यवसायिक भवन निर्माण में अवैध बेसमेंट की भरमार

मुख्यमंत्री के आदेश का भी नहीं होता असर…

मुख्यमंत्री के पास रहने वाले विभाग की दशा और बद्तर…

प्रतापगढ़। बेसमेंट को प्लॉट के सम्पूर्ण क्षेत्र (100% एरिया) में नियमतः नहीं बनाया जा सकता है। भारत में नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) और स्थानीय नगर निगमों (जैसे MCD, क्रेडाई या राज्य के भूमि विकास नियम) के अनुसार, बेसमेंट का निर्माण केवल उतने ही क्षेत्र पर किया जा सकता है। जितने पर ग्राउंड फ्लोर का कवर्ड एरिया (बिल्डिंग की नींव या ग्राउंड कवरेज) स्वीकृत होता है। इसके अलावा सुरक्षा कारणों से प्लॉट की सीमाओं से दूरी (Setbacks) छोड़ना अनिवार्य है। बेसमेंट निर्माण से जुड़े प्रमुख कानूनी और तकनीकी नियम निम्नलिखित हैं

हादसे के बाद कुछ दिनों के लिए सक्रियता दिखाकर की जाती है, कमाई…

आइये जाने बेसमेंट बनाने के नियम…

  • सेटबैक एरिया (Setback Area) छोड़ना अनिवार्यनए और संसोधित नियमों के अनुसार, यदि आपका प्लॉट किसी अन्य मकान से सटा हुआ है, तो सुरक्षा के लिहाज से दोनों तरफ कम से कम 2 मीटर (लगभग 6.5 फीट) की जगह छोड़नी होगी। बिना यह मार्जिन छोड़े पूरी जमीन पर खुदाई करने से पड़ोस के मकानों की नींव कमजोर होने या उनके गिरने का गंभीर खतरा रहता है।
  • बेसमेंट के उपयोग पर कड़े प्रतिबंधआवासीय उपयोग पर पूर्ण रोक: बेसमेंट का उपयोग रहने (Residential Purpose), सोने या रसोई/बाथरूम बनाने के लिए नियमतः पूरी तरह प्रतिबंधित है।
  • स्वीकृत उपयोग: इसका कानूनी रूप से इस्तेमाल केवल पार्किंग, डार्क रूम, एयर कंडीशनिंग प्लांट या मशीनरी रखने और केवल ड्राई स्टोरेज (सामान रखने) के लिए ही किया जा सकता है।
  • व्यावसायिक उपयोग: बेसमेंट में ऑफिस या दुकान खोलने के लिए स्थानीय विकास प्राधिकरण (जैसे नगर निगम) से विशेष अनुमति और कड़े फायर सेफ्टी (अग्निशमन) नियमों का पालन करना पड़ता है।
  • अन्य जरूरी तकनीकी मानकऊंचाई और वेंटिलेशन: बेसमेंट की सीलिंग का कम से कम 3 से 4 फीट हिस्सा जमीन के स्तर (Ground Level) से ऊपर होना चाहिए ताकि प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन के लिए खिड़कियां दी जा सकें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र: यदि आपका प्लॉट किसी निचले इलाके या जलभराव (Flood-prone area) वाले क्षेत्र में आता है, तो वहां बेसमेंट बनाने की बिल्कुल भी अनुमति नहीं दी जाती है।
  • यदि आप बेसमेंट बनाने की योजना बना रहे हैं, तो बिना स्थानीय नगर निगम या विकास प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत (Map Sanction) कराए काम शुरू न करें, अन्यथा इसे अवैध निर्माण मानकर सील या ध्वस्त किया जा सकता है। यदि आप चाहें, तो मुझे अपने प्लॉट का साइज (वर्ग फुट में) और अपने शहर का नाम बता सकते हैं, जिससे मैं वहां के स्थानीय नियमों (By-laws) के आधार पर आपको अधिक सटीक जानकारी दे सकूं।

नियमों को दरकिनार कर सम्पूर्ण भूखंड पर बनाया जा रहा है, बेसमेंट 

यह भूखंड के कुल क्षेत्रफल का लगभग 50% से 60% (या स्थानीय नियमों के अनुसार) हो सकता है, ताकि बेसमेंट के चारों ओर पर्याप्त जगह छूट है। अतः सम्पूर्ण भूखंड (Plot Area) में बेसमेंट नहीं खोदा जा सकता। बेसमेंट की बाहरी दीवारों और प्लॉट की सीमा के बीच कम से कम 2 मीटर का खाली स्थान छोड़ना अनिवार्य होता है। उपयोग (Usage): आवासीय क्षेत्रों में बेसमेंट का उपयोग मुख्य रूप से पार्किंग, स्टोरेज (भंडारण), या यूटिलिटी सर्विस (जैसे- जनरेटर, पानी के पंप, बिजली के मीटर) के लिए ही किया जा सकता है।

बेसमेंट में रहना (आवासीय उपयोग) या दुकानें चलाना पूर्णतया अवैध है

बेसमेंट की ऊँचाई (Height): बेसमेंट के फर्श से छत की स्पष्ट ऊँचाई (Clear Height) कम से कम 2.4 मीटर (लगभग 8 फीट) होनी चाहिए। वेंटिलेशन और सुरक्षा: बेसमेंट में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और क्रॉस-वेंटिलेशन के लिए शाफ्ट या खिड़कियाँ होना अनिवार्य है। आग से बचाव के लिए आपातकालीन निकास (Emergency Exit) और अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है। जलभराव से बचाव: बेसमेंट बाढ़-प्रवण (Flood-prone) क्षेत्रों या बहुत निचले इलाकों में नहीं बनाए जाने चाहिए। पानी के रिसाव को रोकने के लिए उचित वॉटरप्रूफिंग और रिटेनिंग वॉल का होना जरूरी है।

संपूर्ण क्षेत्र (प्लॉट के 100% हिस्से) में बेसमेंट बनाना नियमतः पूरी तरह से वैध नहीं है। बेसमेंट के निर्माण और उपयोग को लेकर नगर निगम या स्थानीय विकास प्राधिकरण के सख्त नियम होते हैं। बेसमेंट निर्माण के मुख्य नियम और सीमाएं इस प्रकार हैं।

1. कवर्ड एरिया (क्षेत्रफल सीमा) नियम:

    • नियम: बेसमेंट का निर्माण आमतौर पर ग्राउंड फ्लोर के बराबर या उससे कम क्षेत्र में करने की अनुमति होती है।
    • मार्जिन/सेटबैक: प्लॉट की सभी सीमाओं (बाउंड्री) से बेसमेंट के बीच में न्यूनतम दूरी (Setback) छोड़ना अनिवार्य है (यह दूरी आमतौर पर 2 मीटर तक हो सकती है)।  
    • अतः सम्पूर्ण भूखंड (Plot Area) में बेसमेंट नहीं खोदा जा सकता।

2. उपयोग (Permissible Usage)

    • अनुमत उपयोग: बेसमेंट का उपयोग मुख्य रूप से केवल पार्किंग, स्टोरेज (भंडारण) और बिल्डिंग की उपयोगिताओं (जैसे- वाटर पंप, जनरेटर, इलेक्ट्रिक पैनल आदि) के लिए किया जा सकता है।  
    • आवासीय/व्यावसायिक पाबंदी: बेसमेंट में रहने (निवास करने), रसोई बनाने, या अनधिकृत रूप से दुकानें चलाने की सख्त मनाही है।

3. सुरक्षा और निर्माण मानक (Safety & Structural Norms)

    • मंजूरी: बेसमेंट बनाने से पहले स्थानीय प्राधिकरण (जैसे विकास प्राधिकरण या नगर निगम) से नक्शा पास कराना अनिवार्य है।
    • वेंटिलेशन और निकास: बेसमेंट में प्राकृतिक हवा और रोशनी के लिए वेंटिलेशन या सनकन (sunken court) होना चाहिए। आपातकालीन स्थिति के लिए निकास (Emergency Exit) के नियम बहुत कठोर हैं।
    • ऊंचाई: बेसमेंट की न्यूनतम ऊंचाई फर्श से छत तक कम से कम 2.4 मीटर होनी चाहिए ।  

4. निर्माण सावधानियां (Construction Precautions)

    • वॉटरप्रूफिंग: बेसमेंट में सीलन से बचने के लिए दीवारों और फर्श की उच्च-स्तरीय वॉटरप्रूफिंग (Waterproofing) व रिटेनिंग वॉल का निर्माण आवश्यक है।
    • बाढ़ संभावित क्षेत्र: बाढ़-प्रवण (Flood-prone) या जलभराव वाले इलाकों में बेसमेंट बनाने की अनुमति नहीं होती है।  

यह ध्यान रखें कि बेसमेंट के नियम आपकी राज्य सरकार और स्थानीय नगर निगम के भवन उपनियमों (Building By-Laws) पर निर्भर करते हैं।

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