मां-बाप के अरमानों का कत्ल: जिस बेटी को दुल्हन बनते देखना था, उसकी खून से सनी मिली लाश
वाराणसी जिले में जगतपुर पीजी कॉलेज में एमएससी की छात्रा श्रेया उर्फ मोनू (22) की हत्या कर दी गई। घटना उसके घर से 20 किमी दूर बच्छांव पश्चिमपुरा के एक किराये के कमरे में हुई। धारदार हथियार से गला रेतकर श्रेया को मौत के घाट उतार दिया गया। आरोप है कि दूर के रिश्तेदार नियारडीह चोलापुर निवासी विवेक चौबे ने उसे अगवा कर हत्या की है। हत्या के बाद आरोपी ननिहाल गया। अपनी बाइक और बैग रखकर भाग निकला। उधर, बेटी की खून से सनी लाश देखकर मां का कलेजा फट गया। उसकी चीख- पुकार सुनकर लोगों की आंखें भर आईं।
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प्रॉपटी के लालच में वारदात का लगाया आरोप

मकान मालिक और आरोपी के पिता हिरासत में
ननिहाल में छोड़े बैग में मिली चाबी

कॉलेज जाने की बात कहकर निकली, फिर वापस नहीं लौटी
मृतका के चचेरे भाई अंशुमान के अनुसार, श्रेया 18 अगस्त को घर से कॉलेज जाने की बात कहकर निकली थी। देर शाम तक घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने कॉलेज जाकर जानकारी की। पता चला कि श्रेया कॉलेज ही नहीं आई थी। इसके बाद परिवार राजातालाब थाने पहुंचा और फिर जक्खिनी पुलिस चौकी में सूचना दी गई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छात्रा के मोबाइल की लोकेशन खंगालनी शुरू की।

परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों के अनुसार, मोबाइल की लोकेशन बच्छाव पश्चिमपुरा के एक मकान में मिली। रात 11 बजे वे पुलिस के साथ वहां पहुंचे। उस समय छात्रा का मोबाइल चालू था और लोकेशन उसी मकान से आ रही थी। परिवार को उम्मीद थी कि श्रेया कमरे के अंदर होगी। पिता सुनील उपाध्याय का आरोप है कि पुलिस ने कुछ देर जांच-पड़ताल करने के बाद दरवाजा नहीं खुलवाया। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस को सूचना देकर कमरे की तलाशी नहीं कराई गई।

मामले की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की हैं। पुलिस अब मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और आरोपी की गतिविधियों की जांच कर रही है। –नीतू कात्यायन, डीसीपी गोमती जोन