खुशियां मातम में बदलीं: घर में था नामकरण संस्कार, धान की सिंचाई कर रहे मां-बेटे का सांप ने डसा, दोनों की मौत
गंगीरी क्षेत्र के गांव बिलौना में सर्पदंश से मां-बेटे की मौत हो गई, जिससे परिवार और पूरे गांव में मातम छा गया। गांव निवासी रमेश चंद्र की पत्नी सोनकली देवी (60) और उनका बेटा छोटेलाल (25) सोमवार की सुबह चार बजे धान के खेत में सिंचाई करने गए थे। वहीं पर सांप ने दोनों को डस लिया। सर्पदंश के बाद दोनों की आंखों के आगे अंधेरा छाने लगा था। घबराए परिजनों ने आनन-फानन बायगीर को बुलाकर झाड़-फूंक शुरू कराई, लेकिन चार घंटे बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ। सुबह 10 बजे परिजन दोनों को लेकर एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां कुछ देर के इलाज के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। परिवार वाले दोनों शवों को गांव ले आए और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।एसआई पंकज कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है। रमेश चंद्र ने बताया कि रविवार को छोटेलाल के आठ दिन के बेटे वर्धम का नामकरण संस्कार था। घर में खुशी का माहौल था। एक दिन भी नहीं बीता कि मां-बेटे की मौत से मातम छा गया। दोनों की मौत से पूरे गांव में मातम छाया है। मृतक सोनकली देवी अपने पीछे एक बेटा, पति, पुत्र वधुएं, नातिन व नाती को छोड़ गईं हैं। मृतक छोटेलाल ने अपने पीछे एक बेटी शिवानी व आठ दिन के बेटे वर्धम और पत्नी को रोते बिलखते छोड़ा है।