हाईकोर्ट लखनऊ ने दिया आदेश; मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ़ के माध्यम से जिला मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ़ के विरुद्ध 10,000 रुपये का जमानती वारंट (Bailable Warrant) को कराया जाए, तामील

हाईकोर्ट की खंडपीठ लखनऊ द्वारा जारी आदेश…

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ़ के समक्ष क्या जिलाधिकारी प्रतापगढ़ करेंगे, आत्मसमर्पण…

लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ रिट- C संख्या – 10825 वर्ष- 2026, न्यायालय संख्या- 8, माननीय न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह के समक्ष याचिकाकर्ता श्रीमती लवली सिंह व अन्य बनाम प्रमुख सचिव, श्रम विभाग, लखनऊ उत्तर प्रदेश और 3 अन्य के मामले में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के वकील को सुना गया।

श्रीमती लवली सिंह और अन्य बनाम प्रमुख सचिव, श्रम विभाग, लखनऊ उत्तर प्रदेश और 3 अन्य के मामले में दिनांक- 12 अक्टूबर, 2026 को याचिकाकर्ताओं के वकील शरद नंदन ओझा, आदेश कुमार यादव, अखंड प्रताप सिंह व प्रतिवादियों के वकील C.S.C. (मुख्य स्थायी अधिवक्ता) ने अपना पक्ष रखा।

इस याचिका के माध्यम से, याचिकाकर्ता ने ‘मैन्डमस’ (आदेश) जारी करने की मांग की है, ताकि प्रतिवादी संख्या 3 को यह निर्देश दिया जा सके कि वह प्रतिवादी संख्या 4 (संस्थान) से धनराशि की वसूली सुनिश्चित करे। रिकॉर्ड से पता चलता है कि 07.01.2026 को एक ‘अवार्ड’ (निर्णय) पारित किया गया था, जिसके आधार पर वसूली प्रमाण-पत्र (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी किया गया था।

याचिकाकर्ता का कहना है कि अभी तक वसूली नहीं हो पाई है, जिसके परिणामस्वरूप याचिकाकर्ता के पक्ष में पारित किया गया निर्णय निष्प्रभावी हो रहा है। रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है कि उक्त याचिका का नोटिस 29 सितंबर, 2026 को तामील (सर्व) कर दिया गया था। जब मामले की सुनवाई हुई, तो सहायक श्रम आयुक्त, प्रतापगढ़ के हस्ताक्षर युक्त लिखित निर्देशों की एक प्रति उपलब्ध कराई गई।

इन लिखित निर्देशों को देखने से पता चलता है कि ये ‘अवार्ड’ पारित होने के संदर्भ में दिए गए हैं। इस ‘अवार्ड’ को कैसे लागू किया जाएगा और वसूली प्रमाण-पत्र के तहत वसूली कैसे की जाएगी, इसके बारे में न तो कोई जानकारी दी गई है और न ही प्रतिवादी संख्या- 3 (जो राज्य की ओर से कार्यान्वयन करने वाली इकाई है) की ओर से कोई निर्देश दिए गए हैं।

इसे देखते हुए, इस मामले को 23 अक्टूबर, 2026 को ‘फ्रेश’ (नई सुनवाई) के रूप में सूचीबद्ध किया जाए। उस तारीख को, जिला मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ़ अपना व्यक्तिगत शपथ-पत्र दाखिल करेंगे, जिसमें यह बताया जाएगा कि उनके कार्यालय में वसूली प्रमाण-पत्र कब प्राप्त हुआ था और बकाया राशि की वसूली के लिए क्या प्रयास किए गए हैं।

यदि राशि की वसूली में कोई कानूनी बाधा है, तो उसका भी उल्लेख किया जाना चाहिए। यदि अगली तारीख तक शपथ-पत्र (एफिडेविट) दाखिल नहीं किया जाता है, तो प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। आज दिनांक- 23 अक्टूबर, 2026 उक्त मामले में न्यायालय संख्या – 7 माननीय न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया के समक्ष ममाले की सुनवाई हुई।

1. इस न्यायालय के दिनांक- 12.10.2026 के आदेश के अनुपालन में न तो विपक्षी संख्या- 3/जिला मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ़ का व्यक्तिगत शपथ-पत्र दाखिल किया गया है और न ही जिला मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ़ स्वयं इस न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए हैं।

2. मामले में आगे की कार्यवाही के लिए, विपक्षी संख्या 3/जिला मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ़ की उपस्थिति आवश्यक है।

3. उपरोक्त को देखते हुए, विपक्षी संख्या 3/जिला मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ़ के विरुद्ध 10,000 रुपये का जमानती वारंट (Bailable Warrant) जारी किया जाए, जिसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ़ के माध्यम से तामील कराया जाए। यदि विपक्षी संख्या- 3 को गिरफ्तार किया जाता है या वह संबंधित न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें दो जमानतदारों और उतनी ही राशि के व्यक्तिगत मुचलके (personal bond) पर जमानत पर रिहा किया जाएगा। साथ ही, उन्हें यह वचन देना होगा कि वे अगली निर्धारित तारीख पर स्वयं या अपने वकील के माध्यम से इस न्यायालय के समक्ष उपस्थित होंगे।

4. इस मामले को दिनांक- 25.11.2026 को सूचीबद्ध करें।

5. कार्यालय को निर्देश दिया जाता है कि वह इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए इसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ़ को प्रेषित करे।

हाईकोर्ट इलाहाबाद “खंडपीठ लखनऊ” की कोर्ट संख्या- 7 के आदेश से जिले के प्रशासनिक हल्के में हड़कम्प मचा हुआ है। चूँकि एक जिलाधिकारी के कन्धों पर जिले की जिम्मेदारी के निर्वहन का दायित्व होता है। ऐसे में विपक्षी संख्या- 3, जिलाधिकारी प्रतापगढ़ अभिषेक पाण्डेय को को गिरफ्तार किया जाता है या वह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ़ के समक्ष आत्मसमर्पण करते हैं, तो क्या उन्हें जमानत मिल पाती है या जेल जाना पड़ सकता है। यह बात हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित अगली सुनवाई तिथि दिनांक – 25.11.2026 तक तय हो सकेगा।

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