राजस्व विभाग में बनाये गये नियमों को दरकिनार करके गृह ब्लॉक सदर के रहने वाले सचिन यादव को सदर तहसील में किया गया है, तैनात

यक्ष प्रश्न है कि किसकी कृपा से एक नहीं, बल्कि तीन-तीन शहरी क्षेत्र के सबसे कमाऊ वाले हल्के की लेखपाली कर रहे हैं, सचिन यादव…???
प्रतापगढ़। सदर तहसील में एक लेखपाल हैं, सचिन यादव जो मृतक आश्रित पर हैं और लेखपाल संघ के अध्यक्ष भी रहे हैं। शहरी क्षेत्र में बेल्हाघाट और सहोदरपुर सहित सगरा जैसा हल्का इनके पास है। 10 साल से सचिन यादव सदर तहसील में तैनात हैं।
तहसील के पीछे प्राइवेट मकान लेकर दो-तीन मुंशी रखकर लेखपाली करते हैं। जरा सोचिए कि एक लेखपाल के पास तीन-तीन हल्का का चार्ज होना स्वयं में बहुत कुछ सिद्ध करता है। ये सब तभी संभव हो पाता है, जब अधिकारियों की छत्रछाया रहती है। तभी ऐसा कमाऊ हल्का मिलता है।
जबकि सदर तहसील में आईएएस अफसर अनुष्का शर्मा संयुक्त मजिस्ट्रेट/उप जिला मजिस्ट्रेट, सदर प्रतापगढ़ हैं। कहते हैं कि वर्तमान में तैनात अफसर ईमानदार हैं। परंतु उनकी ईमानदारी पर ऐसे में सवालिया निशान लगने लगते हैं। चूँकि सचिन यादव का तबादला हुआ, फिर भी उन्हें रिलीव नहीं किया गया।
एक जमाना था जब कभी बेल्हाघाट हल्का पाने के लिए बहुत पापड़ बेलने पड़ते थे। चूँकि सदर तहसील का सबसे कमाऊ हल्का बेल्हाघाट हुआ करता था। उसके बाद दो नम्बर पर सहोदरपुर हल्का हुआ था। फिर तीसरे नम्बर पर चिलबिला और महुली का नम्बर आता था। चौथे नम्बर पर शहर के अन्य हल्के हुआ करते थे।
समाजवादी पार्टी की नीतियों को आत्मसात करने वाले सचिन यादव आज सदर तहसील के सबसे कमाऊ हल्के बेल्हाघाट, सहोदरपुर और सगरा की लेखपाली कर रहे हैं। सबसे मजेदार बात यह है कि सचिन यादव मृतक आश्रित पर अनुकम्पा के आधार पर नौकरी पाए हैं। उनका मूल निवास सिटी प्रतापगढ़ है। उनके पिता स्वर्गीय रामलाल यादव पट्टी तहसील में सहायक रजिस्ट्रार कानून गो के पद पर तैनात रहे।
यदपि कि स्वर्गीय रामलाल यादव बहुत ही मिलनसार और ईमानदार ब्यक्तियों में से एक थे। जबकि उन्हें के छोटे सुपुत्र सचिन यादव हैं जो बिना रिश्वत लिए एक काम नहीं करते। उन्हें पैसे की हबस ऐसी लगी कि अपने स्वर्गीय पिता रामलाल यादव के सम्बन्धों को भी दरकिनार करके दिन रात धन उगाही के फेर में उलझे रहते हैं। वीआईपी ड्यूटी के नाम पर खुलेआम वसूली अभियान का संचालन स्वयं सचिन यादव करते रहते हैं और अधिकारी आँख मूंदकर तमाशा देखते रहते हैं।