राजस्व विभाग के अधिकारी बने भस्मासुर, जनपद में तैनात हल्का लेखपालों के तबादले के मामले पर धृतराष्ट्र बने हैं, राजस्व अधिकारी

Lucknow। उत्तर प्रदेश (UP) की वर्तमान स्थानांतरण और तैनाती नीति (Transfer Policy) के अनुसार, किसी लेखपाल को उसके गृह ब्लॉक या गृह तहसील के हल्के (Circle) में तैनात नहीं किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में लेखपालों (Lekhpals) के एक परगना से दूसरे परगना या एक हल्के (क्षेत्र) से दूसरे हल्के में स्थानांतरण (Transfer) के संबंध में राजस्व परिषद (Board of Revenue) और जिला प्रशासन द्वारा तय किए गए मुख्य नियम और दिशा-निर्देश निम्नलिखित हैं:-
1. स्थानांतरण का अधिकार (Competent Authority)
- तहसील के भीतर (एक हल्के से दूसरे हल्के में): उपजिलाधिकारी (SDM) को तहसील के भीतर प्रशासनिक या जनहित के आधार पर लेखपालों का तबादला करने का अधिकार होता है।
- जिले के भीतर (एक परगना/तहसील से दूसरी परगना/तहसील में): जिलाधिकारी (DM) या अपर जिलाधिकारी (ADM) के पास पूरे जिले के भीतर स्थानांतरण करने का अधिकार होता है।
2. सामान्य स्थानांतरण नीति और समय-सीमा
- वार्षिक स्थानांतरण (Annual Transfers): सामान्य तौर पर स्थानांतरण वित्तीय वर्ष की शुरुआत में (आमतौर पर अप्रैल से जून के बीच) तबादला सत्र के दौरान किए जाते हैं।
- अधिकतम सेवा अवधि (Tenure):
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- एक ही हल्के (क्षेत्र) में आमतौर पर कोई भी लेखपाल अधिकतम 3 वर्ष तक रह सकता है।
- एक ही तहसील में कुल सेवा अवधि सामान्यतः अधिकतम 10 वर्ष (कुछ विशेष परिस्थितियों को छोड़कर) निर्धारित होती है। अवधि पूरी होने पर पटल या क्षेत्र परिवर्तन अनिवार्य होता है।
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3. स्थानांतरण के मुख्य आधार
- प्रशासनिक आधार (Administrative Grounds): यदि किसी लेखपाल के खिलाफ शिकायतें हैं, कार्य में लापरवाही पाई जाती है या प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ानी हो, तो सत्र के बाहर भी स्थानांतरण किया जा सकता है।
- जनहित (Public Interest): सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, चुनाव कार्य, या आपदा प्रबंधन के समय जनहित में त्वरित स्थानांतरण किए जाते हैं।
- स्वयं के अनुरोध पर (Mutual/Request Transfer): गंभीर बीमारी, सेवानिवृत्ति के निकट होने (आमतौर पर सेवा के अंतिम 1-2 वर्ष), या अनिवार्य पारिवारिक कारणों के आधार पर लेखपाल स्वयं आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वहां पद खाली हो।
4. महत्वपूर्ण प्रतिबंध (Restrictions)
- गृह तहसील/गृह क्षेत्र में तैनाती नहीं: कोई भी लेखपाल अपने गृह विकास खंड (Block) या उस हल्के में तैनात नहीं किया जा सकता, जहाँ का वह मूल निवासी है।
- चुनावी प्रतिबंध: भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission) के निर्देशों के अनुसार, लोकसभा या विधानसभा चुनावों से ठीक पहले उन लेखपालों का स्थानांतरण अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन द्वारा किया जाता है जो एक ही स्थान पर 3 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके हैं।
- हल्के में रहने की अनिवार्यता: तैनाती नियमों के अनुसार, लेखपाल को जिस हल्के (गांवों के समूह) में नियुक्त किया जाता है, उसे उसी हल्के के भीतर या ग्राम पंचायत भवन में आवंटित कक्ष में रहना और काम करना अनिवार्य है। वह अपने गृह स्थान से अप-डाउन नहीं कर सकता।
- शहरी क्षेत्रों के लिए कड़े नियम: शासनादेश के अनुसार किसी भी लेखपाल को शहरी क्षेत्रों में लगातार 3 वर्ष से अधिक नहीं रखा जा सकता, और एक तहसील में अधिकतम समय सीमा 10 वर्ष निर्धारित की गई है (जिसके बाद तहसील परिवर्तन अनिवार्य होता है)।
- गृह क्षेत्र (Home Area) पर रोक: पारदर्शिता बनाए रखने और हितों के टकराव (Conflict of Interest) से बचने के लिए सरकारी नियम स्पष्ट रूप से लेखपालों को उनकी गृह तहसील या गृह ब्लॉक/क्षेत्र में पोस्टिंग देने से रोकते हैं।