ईंट भट्ठा संचालन में जेठवारा पुलिस की मिलीभगत से एग्रीमेंटकर्ता के परिजनों द्वारा अदालत के स्थगनादेश की हो रही है, खुलेआम अवहेलना
ईंट भट्ठा संचालन हेतु 10 साल का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट होने के बावजूद श्रीराम पुत्र माता प्रसाद, सुन्दरी पाल पत्नी स्व कृष्ण पाल, नीरज पाल, महेंद्र पाल, भानु प्रताप पाल व रूद्र पाल पुत्रगण स्व. कृष्ण पाल एवं अरुण कुमार चंदेल पुत्र घनश्याम चंदेल निवासीगण- पर्वतपुर परगना व तहसील सदर, जनपद- प्रतापगढ़ द्वारा ईंट भट्ठा संचालन में रुकावट पैदा करके ईंट भट्ठा संचालक विनय सिंह “भोला” को हैरान व परेशान किया जा रहा है और सुनियोजित ढंग से एक षड्यंत्र के तहत अदालत को भी धोखा देने का किया जा रहा है, काम…

पति और पिता स्व. कृष्ण पाल ने कर रखा है दस साल का एग्रीमेंट, फिर भी परिजनों की नियत में है, खोट
प्रतापगढ़। वैसे तो पुलिस का कहती है कि अदालत के आदेश के आगे वह कुछ नहीं कर सकती, परन्तु पुलिस को जहाँ लाभ दिखता है तो वह अपने को रोक नहीं पाती और वहाँ मुंह मार ही लेती है। ऐसा ही एक प्रकरण प्रकाश में आया है जहाँ ईंट भट्ठा संचालक विनय सिंह “भोला” द्वारा आरोप लगाया गया है, वह थाना कोतवाली जेठवारा क्षेत्र पर्वतपुर में कई सालों से रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराकर ईंट भट्ठे का संचालन कर रहा है, उस ईंट भट्ठे पर एग्रीमेंट करने वाले और उनके कुछ सहयोगियों द्वारा थाना कोतवाली जेठवारा के प्रभारी निरीक्षक एवं हल्का दरोगा अरुण मौर्या की मिलीभगत से ईंट भट्ठा संचालन में खलल पैदा की जा रही है।

थाना कोतवाली जेठवारा क्षेत्र पर्वतपुर परगना व तहसील सदर, जनपद- प्रतापगढ़ में संचालित ईंट भट्ठे का विवाद पुलिस की मिलीभगत से गहराता जा रहा है। जबकि ईंट भट्ठा संचालक विनय सिंह “भोला” ने ईंट भट्ठा संचालन के लिए जिस जमीन पर ईंट भट्ठा संचालित किया जाता है, उसका रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कृष्ण पाल पुत्र माता प्रसाद निवासी ग्राम- पर्वतपुर परगना व तहसील सदर, जनपद- प्रतापगढ़ से दिनांक- 04/08/2020 से 10 वर्षों के लिए दस्तावेज नम्बर- 2447 के जरिये किरायेदारी के रूप में ईंट भट्ठा संचालक विनय सिंह “भोला” अपने पक्ष में ले रखा है।

फिर भी जमीन के स्वामी रहे स्व कृष्ण पाल पुत्र माता प्रसाद के उत्तराधिकारियों व उनके कुछ सहयोगियों द्वारा जेठवारा थाना के हल्का दरोगा अरुण मौर्या को मिलाकर ईंट भट्ठा संचालन में तरह-तरह की समस्या पैदा की जा रही है। जबकि इन समस्याओं से बचाव के लिए विनय सिंह “भोला” द्वारा न्यायालय अपर सिविल जज (जू. डि.) सदर, प्रतापगढ़ के यहाँ वाद संख्या- 793/2026 विनय सिंह बनाम रूद्र प्रताप पाल का वाद दाखिल कर उसमें स्थगनादेश प्राप्त किया हुआ है। उक्त स्थगनादेश दिनांकित- 13/04/2026 तिथि से अग्रिम तिथि तक प्रभावी है। बावजूद इसके विपक्षीगण लगातार जेठवारा पुलिस की मदद से अदालत के स्थगनादेश के बावजूद ईंट भट्ठा संचालन में रुकावट पैदा कर रहे हैं।

जबकि न्यायालय अपर सिविल जज (जू. डि.) सदर, प्रतापगढ़ द्वारा दिनांक- 17/04/2026 को आदेशित किया गया कि माननीय उच्च न्यायालय की विधि ब्यवस्था के आलोक में थानाध्यक्ष जेठवारा को निर्देशित किया जाता है कि वे न्यायालय द्वारा पारित स्थगन आदेश दिनांकित- 13/04/2026 का अनुपालन कराया जाना सुनिश्चित करें एवं अनुपालन के बावत अपनी आख्या अंदर 7 दिवस प्रेषित करना सुनिश्चित करें। उक्त आदेश के क्रम में हल्का दरोगा अरुण कुमार मौर्या की जो रिपोर्ट बनाई गयी वह संदेहास्पद है, क्योंकि दरोगा जी रटी रटाई भाषा का इस्तेमाल करते हुए रिपोर्ट में लिखते हैं कि मौके पर निर्माण कार्य रोका गया है व मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं हो रहा है।

पूरे मामले में जेठवारा पुलिस की भूमिका संदिग्ध दिख रही है। जिसके पक्ष में रजिस्टर्ड ईंट भट्ठे का किरायानामा है और उसके पास ईंट भट्ठा संचालित करने के सारे कागजात मौजूद हैं, उसकी जेठवारा पुलिस सुन नहीं रही है और जिनके पास कोई वैध पेपर नहीं हैं, उनके पक्ष में पक्षकार की तरह मैदान में डटी हुई है। ईंट भट्ठा संचालक विनय सिंह “भोला” ने अभी तक दो अलग-अलग लिखित तहरीर दिया कि उसके भट्ठे के संचालन में विपक्षीगण षडयंत्र कर रहे हैं और अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद संचालन में रुकावट पैदा कर रहे हैं। जेठवारा पुलिस के हल्का दरोगा अरुण कुमार मौर्या खुलकर विपक्षियों की मदद में लगे हैं और अदालत के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं।