टाटा सफारी में बिठाकर लड़की की हत्याः इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर मिलने बुलाया, लव ट्राएंगल में युवकों ने मार डाला
लखनऊ में लव ट्राएंगल में युवकों ने एक 16 साल की लड़की हत्या कर दी। उसे मिलने बुलाया फिर टाटा सफारी में बिठाकर उसका गला घोंट दिया। पुलिस ने लड़की हत्या करने वाले 4 युवकों को गिरफ्तार किया है। चारों ने उसे लड़की की हत्या करने के बाद शव को ट्रेन की पटरी पर रख दिया जिससे ट्रेन आने पर मृतका का सिर धड़ से अलग हो गया।
हत्यारोपियों में से 20 साल के एक लड़के ने लड़की से इंस्टाग्राम पर दोस्ती की थी। उसने अपने ही दोस्त से लड़की के फोन पर बात करने पर हत्या की साजिश रची। लड़की को दिन ढलने के बाद फोन कर मिलने बुलाया। लड़की पहुंच गई। उसे सफारी में बिठाकर अपने 3 दोस्तों के साथ मिलकर उसका गला घोंट दिया। लड़की 13 जनवरी को घर से लापता हुई थी।
13 तारीख को लापता हुई थी लड़की
मामला पारा थाना क्षेत्र के नरपत खेड़ा का है। यहां की 16 साल की लड़की 13 जनवरी को घर से लापता हो गई थी। लड़की की मां ने पारा थाने में दूसरे ही दिन सूचना दी थी कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री को अंशू गौतम उर्फ लक्की बहला-फुसलाकर भगा ले गया। पुलिस ने गुमशुदगी में मामला दर्ज किया।
पुलिस टीम ने अंशू गौतम को 25 जनवरी को गिरफ्तार किया। उसने पुलिस बताया कि लड़की को मैंने अपने 3 दोस्तों के साथ मिलकर मार डाला है। वहीं, मृतका की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस उससे कहती रही कि बेटी मिल जाएगी। नैनीताल घूमने गई होगी, मिल जाएगी। आज पता चला कि उसकी हत्या हो गई।
ट्रैक पर रख दिया था शव
पुलिस ने अंशू की निशानदेही पर उसके तीन साथियों आशिक यादव पुत्र सर्वेश यादव, रिशू यादव पुत्र सुनील यादव और वैभव सिंह राजपूत पुत्र मोहनलाल सिंह राजपूत को 26 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
एसएचओ सुरेश सिंह ने बताया- साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को सरोजनी नगर क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर इस तरह लिटाया गया कि मामला आत्महत्या लगे। ट्रेन की चपेट में आने से मृतका का सिर धड़ से अलग हो गया । अभियुक्तों ने पहचान छिपाने के लिए अपने और मृतका के मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिए थे।
दोस्त से भी बात करने लगी तो हत्या की साजिश
आरोपी अंशू ने बताया कि वह मृतका से प्रेम करता था, लेकिन बाद में मृतका उसके दोस्त आशिक यादव से भी बातचीत करने लगी। मृतका को यह जानकारी नहीं थी कि हम दोनों आपस में मित्र हैं। इसे हम दोनों ने अपना अपमान मानते हुए मृतका को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
साजिश के तहत अंशू गौतम और आशिक यादव ने अपने अन्य साथियों रिशू यादव, वैभव सिंह राजपूत और दीपक के साथ मिलकर टाटा सफारी गाड़ी से मृतका को फोन कर बुलाया। गाड़ी में बैठाने के बाद चलती गाड़ी के अंदर ही उसके साथ मारपीट की गई और गला दबाकर हत्या कर दी गई।
परिजन ने थाने का घेराव किया
मृतक किशोरी के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद थाने पहुंच गए। यहां प्रदर्शन कर आरोपियों की फांसी की मांग पर अड़ गए। महिलाएं पुलिस अधिकारियों से हाथ जोड़कर मिन्नतें मांगती दिखीं। करीब 20 मिनट तक पारा थाने में गहमागहमी का माहौल रहा।
उसके बाद पुलिस ने मृतका के परिजन को किसी तरह आश्वासन देकर समझाकर घर भेज दिया। एसएचओ सुरेश सिंह ने कहा कि निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है। सभी दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट बनाकर जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मेरी बेटी की लाश मिली, मौत के बदले मौत चाहिए
मृतका की मां ने बताया- उसे अंशू नाम के लड़के ने 13 तारीख की रात 7:20 बजे फोन करके बुलाया था। वह गई तो उसे लड़के ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर मार डाला। मैंने 14 तारीख को ही पुलिस में रिपोर्ट लिखाई तो पुलिस वाले कहते रहे कि तुम्हारी बेटी को कुछ नहीं हुआ है।
वह नैनीताल घूम रही है। आज पता चला कि 4 लड़के पकड़े गए हैं। जब हम थाने अपनी बेटी को लेने पहुंचे तो पता चला कि उसकी हत्या कर दी गई थी। हम तो उसकी लाश भी नहीं देख पाए। बेटी को मारने वालों को फांसी दी जाए। मौत के बदले मौत चाहिए।