पति को आया हार्ट अटैक: अस्पतालों का चक्कर लगाती व मदद के लिए गुहार लगाती रही पत्नी, फिर सड़क हादसे में हुई पति की मौत
कर्नाटक के बेंगलुरु की घटना है। पत्नी बीमार पति को लेकर अस्पतालों के चक्कर लगाती रही, लेकिन न तो इलाज मिला और न ही एम्बुलेंस। इसी बीच, स्कूटी से जाते वक्त हादसा हो गया। बाद में एक कैब ड्राइवर ने अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।
यहां एक शख्स को हार्ट अटैक आया। उसकी पत्नी इलाज की उम्मीद में शहर के अस्पतालों के चक्कर लगाती रही, लेकिन कहीं भी न तो पति का इलाज किया गया और न ही एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। मजबूर होकर दंपति स्कूटी से ही दूसरे अस्पताल की ओर निकले, तभी रास्ते में स्कूटी अनियंत्रित हो गई और हादसे का शिकार हो गई।
पति हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद पत्नी काफी देर तक राहगीरों से मदद की गुहार लगाती रही। आखिरकार एक कैब ड्राइवर ने इंसानियत दिखाते हुए घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान वेंकटरमनन के रूप में हुई है।
उसे अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। घबराई पत्नी उसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन वहां बताया गया कि उस समय कोई डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं है। इसके बाद दंपति दूसरे अस्पताल पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने कहा कि उसे स्ट्रोक आया है और उसे किसी बड़े अस्पताल में जाना चाहिए।
मदद के लिए गुहार लगाती रही पत्नी
पत्नी का आरोप है कि इस दौरान पति को न तो कोई आपातकालीन उपचार दिया गया और न ही एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। इलाज की आस में पति-पत्नी मजबूरन बाइक से ही दूसरे अस्पताल की ओर रवाना हुए। इसी दौरान रास्ते में उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे के बाद वेंकटरमनन सड़क पर गंभीर हालत में पड़े रहे।
पत्नी बदहवास होकर हर गुजरती गाड़ी से मदद की गुहार लगाती रही। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि वह हाथ जोड़कर रोती हुई राहगीरों से सहायता मांगती रही, लेकिन किसी ने रुकने की जहमत नहीं उठाई। सड़क पर वाहन गुजरते रहे, लेकिन मानवता कहीं नजर नहीं आई।
कैब ड्राइवर ने पहुंचाया अस्पताल
हालांकि, एक कैब ड्राइवर ने इंसानियत दिखाते हुए घायल व्यक्ति को पास के अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने वेंकटरमनन को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे ने एक परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। पत्नी विधवा हो गई और दो मासूम बच्चे एक पांच साल का बेटा और 18 महीने की बेटी अपने पिता को हमेशा के लिए खो दिया।
इस घटना ने न केवल मेडिकल सिस्टम की लापरवाही, बल्कि समाज की उदासीनता को भी उजागर किया है। मृतक की मां ने अपने बेटे को अपना एकमात्र सहारा बताया और सरकार से स्वास्थ्य आपातकालीन सेवाओं को गंभीरता से लेने की अपील की। वहीं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, परिवार ने वेंकटरमनन की आंखें दान कर दीं, ताकि किसी और की जिंदगी रोशन हो सके।