खुलासा इंडिया की खबर का असर, घूंसघोर का आरोपी हल्का लेखपाल सचिन यादव का एक हल्का का चार्ज छिना
प्रतापगढ़। राजस्व विभाग में भ्रष्ट्राचार की प्रथम सीढी हल्का लेखपाल का वर्तमान में प्रभाव काफी बढ़ चुका है। एक डीएम और एडीएम का तबादला करवाना आसान है, परंतु एक हल्का लेखपाल का तबादला करवाना टेढ़ी खीर है। चूँकि हल्का लेखपाल लोकल रहता है और लोकल राजनीति से लेकर हर प्रभावशाली के सम्पर्क में वह रहता है, ताकि उसकी कोई शिकायत करे तो वह उन प्रभावशाली लोगों से उसे निष्प्रभावी करवा सके और दबदबे के साथ अपनी लूट खसोट का सिलसिला जारी रख सके।
सदर तहसील जिला मुख्यालय से जुड़ी होती है, इसलिये जिला कचेहरी में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं का भी अधिकारियों पर दबाव रहता है। फिर भी शहरी क्षेत्र के हल्का लेखपाल विशेष रूप से बेल्हाघाट और सहोदरपुर के ह्ल्का लेखापल वीवीअईपी ड्यूटी की बेगारी करते हैं, जिसके लिए अधिकारियों के बहुत नजदीक होते हैं और इसी का फायदा उठाकर शहरी क्षेत्र के हल्का लेखपाल को जिला प्रशासन लूट घसोट करने की छूट दिया रहता है। क्योंकि शहरी क्षेत्र के हल्का लेखपालों से जिला प्रशासन कई तरीके की बेगारी लेता रहता है।
खुलासा इंडिया ने सदर तहसील के हल्का लेखपाल सचिन यादव के खिलाफ शहरी क्षेत्र के तीन-तीन हल्का का चार्ज लेने की घबर चलाई, वैसे ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और 24 घण्टे के अंदर सदर तहसील में नियम विरुद्ध तैनात लेखपाल सचिन यादव से सहोदरपुर का चार्ज छिना। अब सहोदरपुर का चार्ज लेखपाल राम प्रकाश सरोज को दिया गया। अब सचिन यादव के पास बेल्हाघाट और सगरा का हल्का बचा। देखना होगा कि राजस्व विभाग द्वारा लेखपाल की तैनाती हेतु बनाई गई नियमावली के विरुद्ध प्रतापगढ़ की सदर तहसील में तैनात सचिन यादव की विदाई कब तक होती है ?