एएनटीएफ लखनऊ एवं थाना पट्टी पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए 03 तस्करों को किया गया, गिरफ्तार…
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को और अधिक प्रभावी और सक्षम बनाने के निर्देश दिए हैं, बुधवार को समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि फोर्स के लिए सभी 6 थानों और 8 यूनिटों में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, आरक्षी सहित आवश्यक मैनपॉवर की स्थायी तैनाती और विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था शीघ्र पूरी की जाए…
प्रतापगढ़ के पट्टी में एमडी ड्रग्स का कारोबार बना चर्चा का विषय, प्रतापगढ़ पुलिस का ड्रग्स माफियाओं पर नहीं है, खौफ

प्रतापगढ़ में MD ड्रग्स का कारोबार: हर तीसरे महीने गिरफ्तारी, लेकिन सरगना अब भी पुलिस की पकड़ से दूर
प्रतापगढ़। जनपद में MD ड्रग्स का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस रिकॉर्ड और लगातार सामने आ रही गिरफ्तारियों पर नजर डालें तो लगभग हर तीसरे महीने MD ड्रग्स के साथ तस्करों की गिरफ्तारी की खबर सामने आती है। इसका मुख्य गढ़ पट्टी क्षेत्र बन चुका है। पट्टी से ही इसका वितरण अलग-अलग क्षेत्रों में किया जाता है।
सूत्र बताते हैं कि सड़क मार्ग से मुंबई और हरियाणा से नशे के कारोबारी अपने एजेंटों के जरिये इसे मंगाते हैं और इसे एजेंट के जरिये ही सुविधानुसार इसे डीलरों तक पहुंचा देते हैं। डीलरों के पास पहुँच जाने के बाद नशेड़ी इसे खरीदता है और वह इसका आदी बन जाता है। चूँकि सूखा नशा सबसे खतरनाक होता है, क्योंकि सूखे नशे के आदी लोग इसे मरते दम तक नहीं छोड़ पाते।
पुलिसिया कार्रवाई और मीडिया रिपोर्ट को सही मान लिया जाये तो नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर पुलिस कार्रवाई होती है, बरामदगी दिखाई जाती है, आरोपी जेल भेजे जाते हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल आज भी अपनी जगह खड़ा है कि आखिर इस नशे के काले कारोबार का असली सरगना कौन है और प्रतापगढ़ में MD ड्रग्स की सप्लाई कहां से हो रही है ? पुलिस के पास इसका कोई जवाब नहीं है।

ड्रग्स माफियाओं को कौन बचा रहा है, कहीं राजनीतिक संरक्षण में तो नहीं किया जा रहा है, नशे का कारोबार…
ताजा मामला थाना पट्टी क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक 5 नवंबर, 2026 को शाम करीब छह बजे थाना पट्टी पुलिस और ANTF लखनऊ की संयुक्त टीम ने मुजाही बाजार से औरई की तरफ जाने वाले रास्ते पर कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 700 ग्राम अवैध मादक पदार्थ MD बरामद होने की बात कही गई है।
पुलिस द्वारा अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। लेकिन सवाल सिर्फ 3 तस्करों की गिरफ्तारी का नहीं है। सवाल उस पूरे नेटवर्क का है, जिसके तार आखिर कहां-कहां तक जुड़े हैं ? क्या पकड़े जा रहे लोग सिर्फ नशे की खेप पहुंचाने वाले छोटे किरदार हैं ? क्या इनके पीछे कोई बड़ा सप्लायर और संगठित गिरोह काम कर रहा है ?
यक्ष प्रश्न; आखिर कहां से आ रही है, मौत बांटने वाली नशे की खेप और कौन है, इस काले कारोबार का असली खिलाड़ी ?
यदि लगातार बरामदगी हो रही है तो सप्लाई की मुख्य कड़ी तक पुलिस क्यों नहीं पहुंच पा रही है ? जनता जानना चाहती है कि गिरफ्तारी के आंकड़े कब सरगना की गिरफ्तारी में बदलेंगे ? सिर्फ छोटे तस्करों को पकड़कर पुलिस अपनी पीठ थपथपाती रहेगी या MD ड्रग्स के स्रोत, सप्लायर और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश भी होगा ? इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
प्रतापगढ़ को नशे के कारोबार का सुरक्षित ठिकाना बनने से रोकना है तो कार्रवाई केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। असली सफलता उस दिन मानी जाएगी, जब इस काले कारोबार की जड़ पर प्रहार होगा, न कि हर कुछ महीने बाद नए चेहरों की गिरफ्तारी की खबर सामने आएगी। सच कहे तो इस खेल में राजनीतिक लोग भी शामिल हैं और उनका धन भी इस ब्यवसाय में लगा हुआ है।